बिना नक्शे के 425 एकड़ में फैले अस्पताल परिसर में भटक रहे हैं मरीज

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बिना नक्शे के 425 एकड़ में फैले अस्पताल परिसर में भटक रहे हैं मरीज

बीकानेर का प्रिंस बिजय सिंह मेमोरियल (पीबीएम) अस्पताल आज मरीजों के लिए भूल-भुलैया बन गया है। संभाग के दूर-दराज के गांवों से उम्मीद लेकर यहां आने वाले मरीजों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में घंटों लग जाते हैं। गंभीर मामलों में कई बार तो देर हो जाती है।

425 एकड़ में फैले इस विशाल परिसर में 20 से ज्यादा बड़ी इमारतें खड़ी हो गई हैं। मगर अफसोस इस बात का है कि प्रशासन आज तक एक ऐसा काउंसलिंग सिस्टम या डिजिटल मैप नहीं बना पाया, जो मरीज को राह दिखा सके। मरीजों को यह बता सके कि उनकी बीमारी का डॉक्टर किस बिल्डिंग में मिलेगा। मरीज काउंटर पर पर्ची कटाने के बाद घंटों एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग के चक्कर काटते रहते हैं। न कहीं ढंग के साइन बोर्ड हैं और न ही कोई बताने वाला।

पीबीएम की बदहाली का आलम यह है कि रिकॉर्ड में जो जमीन कभी 480 एकड़ हुआ करती थी, वह अब सिमटकर 425 एकड़ रह गई है। यानी 65 एकड़ बेशकीमती जमीन पर कब्जे हो चुके हैं। सादुलगंज वाली दीवार हो या बाहरी बाउंड्री, हर तरफ होटल, ढाबे और थड़ियों ने पैर पसार लिए हैं। पीबीएम प्रशासन इतना बेपरवाह है कि विस्तार के बाद आज तक अस्पताल की जमीन का दोबारा सीमांकन तक नहीं करवाया गया।

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