Iran-Pakistan Talks: आज ईरान और पाकिस्तान के बीच बैठक, अमेरिका ने क्या भेजा है संदेश; युद्धविराम पर बड़ा अपडेट

ईरान और अमेरिका के बीच अटकी बातचीत को दोबारा शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। इसी सिलसिले में गुरुवार को ईरानी अधिकारियों और पाकिस्तान के सेना प्रमुख के बीच महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में उन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी, जिन पर 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई वार्ता के विफल होने के बाद दोनों पक्षों के बीच मतभेद उभरकर सामने आए थे।
तेहरान पहुंचे पाक सेना प्रमुख:-
ईरानी सरकारी मीडिया एजेंसी के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर तेहरान पहुंच चुके हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी सीधी मुलाकात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से होगी या नहीं। इससे पहले अराघची ने तेहरान में मुनीर का स्वागत किया और वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की।
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान द्वारा वार्ता की मेजबानी दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रतीक है और यह क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अमेरिका का प्रस्ताव साथ लाए मुनीर:-
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, असीम मुनीर अपने साथ अमेरिका का एक नया प्रस्ताव लेकर पहुंचे हैं, जिसमें संभावित दूसरे दौर की वार्ता का प्रारूप शामिल है। इस दौरान पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी उनके साथ मौजूद हैं।
पहला दौर रहा बेनतीजा:-
गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी थी। कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण बातचीत अधूरी रह गई थी।
दूसरे दौर से जुड़ी उम्मीदें:-
विश्लेषकों का मानना है कि प्रस्तावित दूसरा दौर गतिरोध खत्म करने की अहम कोशिश हो सकता है। फिलहाल क्षेत्र में दो सप्ताह का सीजफायर लागू है, लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है। संभावना जताई जा रही है कि अगली वार्ता भी इस्लामाबाद में आयोजित हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, संभावित वार्ता में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जारेड कुशनर की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
ट्रंप का संकेत—कूटनीति को प्राथमिकता:-
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वह सीजफायर को लंबा खींचने के पक्ष में नहीं हैं, हालांकि उन्होंने कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देने की बात दोहराई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में इस दिशा में सकारात्मक प्रगति देखने को मिल सकती है।