Bikaner: शिक्षा विभाग में वेतन गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन, 2.94 लाख कार्मिकों के वेतन की फिर होगी जांच

बीकानेर। शिक्षा विभाग में वर्षों से किए गए वेतन निर्धारण अब पुनः जांच के दायरे में आ गए हैं। पुनरीक्षित वेतन, पदोन्नति, चयनित वेतनमान, एसीपी (ACP) और एमएसीपी (MACP) के तहत हुए वेतन निर्धारणों में संभावित अनियमितताओं को देखते हुए वित्त विभाग ने व्यापक स्तर पर पुनः परीक्षण के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत विभाग में कार्यरत कार्मिकों के वेतन निर्धारणों की सेवा अभिलेखों के आधार पर दोबारा जांच की जाएगी।
इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर अधीनस्थ कार्यालयों में चार सदस्यीय जांच कमेटियां गठित करने के लिए कहा है। ये कमेटियां नियमानुसार वेतन निर्धारणों का परीक्षण करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि भुगतान नियमों के अनुरूप हुआ है।
अधिक भुगतान की आशंका के बाद बढ़ी सख्ती:-
वित्त विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ कार्मिकों के वेतन निर्धारण नियमानुसार नहीं किए गए, जिसके कारण अधिक भुगतान होने की स्थिति बनी। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने समय-समय पर हुए सभी वेतन निर्धारणों की दोबारा समीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
इस बार जांच प्रक्रिया में जवाबदेही भी तय की गई है। निर्देशों के अनुसार यदि पुनः जांच के बाद भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि सामने आती है, तो संबंधित जांच कमेटी के सदस्यों से अतिरिक्त भुगतान की वसूली की जा सकेगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित की जा सकती है।
जुलाई के वेतन बिल से पहले देना होगा प्रमाणपत्र:-
जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर चार सदस्यीय कमेटियों का गठन सुनिश्चित करें और जुलाई माह के वेतन बिलों के साथ आहरण एवं वितरण अधिकारियों (DDO) से प्रमाणपत्र प्राप्त करें। इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख करना होगा कि संबंधित कार्मिकों के वेतन निर्धारणों की पुनः जांच कर ली गई है और वे नियमानुसार सही पाए गए हैं। इसके बाद ही जुलाई माह के वेतन बिलों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
कमेटियों में ये अधिकारी होंगे शामिल:-
निर्देशों के अनुसार संभागीय संयुक्त निदेशक कार्यालयों में सहायक निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक स्तर पर अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कमेटी के अध्यक्ष होंगे। लेखा सदस्य के रूप में वरिष्ठ लेखाधिकारी, लेखाधिकारी, सहायक लेखाधिकारी प्रथम या द्वितीय अथवा कनिष्ठ लेखाधिकारी को शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा संबंधित कार्यालय का संस्थापन प्रभारी लिपिक सदस्य सचिव की भूमिका निभाएगा, जबकि आवश्यकता के अनुसार एक अन्य कार्मिक को चौथे सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। विभाग ने सभी गठित कमेटियों को 10 जुलाई तक जांच प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।