खाजूवाला : थाने परिसर से बुलेट चोरी, 12 दिन बाद भी FIR नहीं, खाजूवाला पुलिस पर उठे सवाल

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दिल्ली पुलिस के प्रधान सिपाही की बाइक गायब, थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में

खाजूवाला | Rkhabar
आमतौर पर लोग अपने वाहन की सुरक्षा के लिए पुलिस पर भरोसा करते हैं, लेकिन खाजूवाला थाना परिसर से ही एक बुलेट मोटरसाइकिल चोरी हो जाने के मामले ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली पुलिस में कार्यरत एक प्रधान सिपाही की बुलेट थाना परिसर से गायब हो गई। पीड़ित का आरोप है कि घटना की लिखित शिकायत दिए करीब 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न एफआईआर दर्ज की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई।

जानकारी के अनुसार खाजूवाला क्षेत्र के गुल्लूवाली निवासी अनिल, जो दिल्ली पुलिस में प्रधान सिपाही हैं, करीब दो माह पहले दिल्ली से अपने मित्र की बुलेट (डीएल-35-डीई-4035) लेकर आए थे। वापस ड्यूटी पर लौटते समय उन्होंने मोटरसाइकिल खाजूवाला थाना परिसर में खड़ी कर दी और इसकी सूचना अपने परिचित पुलिसकर्मी को भी दे दी। हाल ही में छुट्टी पर लौटने पर जब वे बाइक लेने पहुंचे तो वह वहां नहीं मिली।

शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं:-
पीड़ित का कहना है कि उसने थानाधिकारी को घटना की जानकारी देने के साथ लिखित परिवाद भी सौंपा, लेकिन 10-12 दिन गुजरने के बाद भी न तो मामला दर्ज किया गया और न ही बाइक का कोई सुराग मिला। पुलिस की ओर से संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया जा रहा।

थाना स्टाफ में भी चर्चा, आखिर बाइक ले गया कौन?
थाना परिसर से वाहन चोरी होने की घटना पुलिस महकमे में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार पूरे थाना स्टाफ में इसे लेकर असमंजस की स्थिति है। अंदरखाने पुलिसकर्मियों के बीच भी एक-दूसरे पर लापरवाही और मिलीभगत के आरोप लगाए जाने की चर्चाएं हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सीमावर्ती थाने की सुरक्षा पर सवाल:-
खाजूवाला थाना सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है, जहां सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सामान्य थानों से अधिक मानी जाती है। ऐसे में थाना परिसर से ही वाहन चोरी हो जाना सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि थाना परिसर में खड़ा वाहन सुरक्षित नहीं है तो आमजन अपने वाहनों और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर कैसे भरोसा करें।

पहले भी हुईं कई चोरियां:-
क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों के दौरान चोरी की कई वारदातें सामने आ चुकी हैं। इनमें से कई मामलों का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है। ऐसे में थाना परिसर से मोटरसाइकिल चोरी की घटना ने पुलिस की कार्यशैली और अपराध नियंत्रण पर नई बहस छेड़ दी है।

न्यूज़ व्यू:-
थाना परिसर जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह से वाहन चोरी होना सामान्य घटना नहीं है। यदि शिकायत के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं होती है तो यह पुलिस की जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई से ही आमजन का पुलिस पर विश्वास कायम रह सकता है।

इनका कहना है …
बाइक चोरी का परिवाद दिया है। पीडि़त सिपाही को इस संबंध में थाने बुलाया है। उसके आने के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रथमदृष्या घटना हुई है, जिसकी जांच कर खुलासा करेंगे।
आकांक्षा चौधरी, वृत्ता​धिकारी खाजूवाला

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