राजस्थान के करीब 73 लाख उज्ज्वला उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अपडेट, सरकार ने लागू किया नया नियम

राजस्थान के करीब 73 लाख उज्ज्वला कनेक्शन उपभोक्ताओं के लिए अहम अपडेट सामने आई है। केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए नया नियम लागू किया है, जिसके तहत अब उपभोक्ताओं को हर वर्ष बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर उपभोक्ताओं की गैस सब्सिडी रुक सकती है। इस संबंध में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने तेल कंपनियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मंत्रालय के निर्देशानुसार, यदि कोई लाभार्थी साल में सात रिफिल लेने के बाद आठवीं रिफिल बुक करता है, तो उसे पहले आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना होगा। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही सब्सिडी की राशि खाते में जारी की जाएगी। राजस्थान में करीब 73 लाख उज्ज्वला उपभोक्ता देश की तीन प्रमुख तेल कंपनियों के माध्यम से इस योजना का लाभ ले रहे हैं।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार उज्ज्वला योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर पर सब्सिडी उपलब्ध कराती है। इन उज्जवला कनेक्शन उपभोक्ताओं को साल में अधिकतम नौ सिलेंडर तक सब्सिडी का लाभ दिया जाता है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ऐसे उपभोक्ताओं के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की है, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद अब तक एक बार भी आधार आधारित बायोमेट्रिक केवाईसी नहीं करवाई है। ऐसे लाभार्थियों को 30 जून तक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। तय समय तक वेरिफिकेशन नहीं कराने पर जून के बाद सब्सिडी रोकी जा सकती है।
सरकार की ओर से गैस कनेक्शनधारियों की केवाईसी प्रक्रिया इसलिए अनिवार्य की जा रही है ताकि वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित हो सके। कई मामलों में उपभोक्ता की मृत्यु होने या स्थान बदलने के बाद भी कनेक्शन सक्रिय पाए गए हैं और अन्य लोग उनका उपयोग कर रहे हैं। ऐसे मामलों को रोकने तथा रिकॉर्ड अपडेट करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
इधर, गैस कंपनियों की ओर से हाल ही में भेजे गए संदेश ने एलपीजी उपभोक्ताओं के बीच चर्चा बढ़ा दी है। संदेश में कहा गया है कि यदि उपभोक्ता या उसके परिवार की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से अधिक है, तो भविष्य में गैस सब्सिडी के लिए पात्रता प्रभावित हो सकती है। कंपनियों ने उपभोक्ताओं को इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराने के लिए सीमित समय भी दिया है। निर्धारित अवधि में आपत्ति नहीं मिलने की स्थिति में सब्सिडी रोकने की कार्रवाई की जा सकती है।