Rajasthan Drug Alert: राजस्थान में 10 दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल, सरकार ने बिक्री रोकने के दिए निर्देश; यहां देखें पूरी लिस्ट

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जयपुर। राजस्थान में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय की जांच में 10 दवाओं के सैंपल निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इनमें बुखार, संक्रमण, एलर्जी, दर्द और पेट संबंधी बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं। विभाग ने संबंधित बैच की बिक्री रोकने और बाजार से स्टॉक हटाने के निर्देश जारी किए हैं।

औषधि नियंत्रण विभाग के अनुसार जांच में कई दवाओं में प्रभावकारी तत्व (असे) निर्धारित मानक से कम पाए गए, जबकि कुछ दवाएं आईपी और यूएसपी मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं। इसके बाद राज्यभर के औषधि निरीक्षकों और दवा विक्रेताओं को संबंधित बैच की बिक्री तत्काल रोकने के निर्देश दिए हैं।

जांच में अमानक पाई गई दवाएं:-

  1. सेफपोडॉक्सिम प्रोक्सेटिल टैबलेट 200 एमजी
  2. सिप्रोफ्लोक्सासिन टैबलेट 500 एमजी
  3. जैस्मिन मेहंदी फास्ट कोन
  4. डेक्सामेथासोन सोडियम फॉस्फेट इंजेक्शन 10 एमएल
  5. रोसुवास्टेटिन, एस्पिरिन और क्लोपिडोग्रेल कैप्सूल (रोसिहोप गोल्ड 20 फोर्टे)
  6. बेथानेकोल क्लोराइड टैबलेट यूएसपी 25 एमजी
  7. डेक्सामेथासोन इंजेक्शन आईपी 8 एमजी/2 एमएल
  8. निमेसुलाइड एवं पैरासिटामोल टैबलेट (निमो प्लस)
  9. ओफ्लॉक्सासिन एवं ऑर्निडाजोल ओरल सस्पेंशन
  10. लेवोसेट्रीजिन टैबलेट (सिट्रीज-5)

विभाग ने दवा विक्रेताओं और चिकित्सा संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित बैच की दवाओं को तत्काल स्टॉक से हटाया जाए और उनकी बिक्री नहीं की जाए। अधिकारियों का कहना है कि दवाओं की गुणवत्ता से समझौता मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल माह में हुई जांच के दौरान भी 7 दवाओं को ‘मानक के अनुरूप नहीं’ (एनएसक्यू) घोषित किया गया था। जांच में कुछ दवाओं की प्रभावशीलता कम पाई गई थी, जबकि कुछ दवाएं घुलनशीलता (डिसॉल्यूशन) मानकों पर खरी नहीं उतरी थीं। इसके बाद विभाग ने संबंधित दवाओं को बाजार से हटाने के निर्देश जारी किए थे।