बीकानेर: शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों को मिलेगी राहत; पढ़े पूरी खबर

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बीकानेर: राजस्थान के शिक्षा विभाग ने महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला लिया है, जिससे हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब ऑनलाइन लॉटरी के बाद खाली रह गई सीटों पर “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर सीधे प्रवेश दिए जाएंगे। इससे उन छात्रों को नया मौका मिलेगा, जो पहले चरण में चयनित नहीं हो सके थे।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट के निर्देशानुसार सत्र 2026-27 के लिए 14 से 23 मार्च तक शाला दर्पण पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। इसके बाद 25 मार्च को लॉटरी निकाली गई और चयनित विद्यार्थियों को 1 अप्रैल तक प्रवेश दे दिया गया।

हालांकि कई विद्यालयों—खासतौर पर बाल वाटिका से लेकर कक्षा 12 तक—में निर्धारित सीटों के मुकाबले कम आवेदन आए, जिससे बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गईं। अब इन सीटों को भरने के लिए लॉटरी या जटिल प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी। जिस विद्यालय में जिस कक्षा में सीट खाली होगी, वहां आवेदन करने वाले को सीधे प्रवेश मिल सकेगा।

50 प्रतिशत अतिरिक्त प्रवेश की अनुमति:-

विभाग ने विद्यालयों को निर्धारित सीटों से 50 प्रतिशत तक अधिक प्रवेश देने की छूट भी दी है, बशर्ते उनके पास पर्याप्त कक्षाएं और संसाधन उपलब्ध हों। इससे ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को अंग्रेजी माध्यम शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।

पूरे सत्र तक जारी रहेगी प्रवेश प्रक्रिया:-

अब बाल वाटिका से लेकर कक्षा 1 से 12 तक की सभी रिक्त सीटों पर ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान लिए जाएंगे। अभिभावक सीधे संबंधित विद्यालय में जाकर दस्तावेज प्रस्तुत कर तुरंत प्रवेश दिला सकेंगे।

राज्य में बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत:-

फिलहाल प्रदेश में संचालित 3,737 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में करीब 6.81 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जबकि लगभग 50 प्रतिशत सीटें अभी भी खाली हैं। इस बार नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से शुरू होने के चलते प्रवेश प्रक्रिया पिछले वर्ष की तुलना में करीब दो महीने पहले शुरू कर दी गई है।

महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में नर्सरी कक्षा की सभी सीटों पर नए सिरे से प्रवेश दिए जाएंगे, जबकि अन्य कक्षाओं में पहले क्रमोन्नत विद्यार्थियों को समायोजित करने के बाद बची हुई सीटों पर नए प्रवेश किए जाएंगे।