Iran–Israel War: ईरान-इजरायल संघर्ष का भारत पर क्या हुआ असर? PM मोदी ने खुलकर बताया, होर्मुज स्ट्रेट पर भी दिया बयान
Iran–Israel War: नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में ईरान-इजराइल संघर्ष के वैश्विक असर पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से गुजरने वाली तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है और उसमें से करीब 60 फीसदी सप्लाई इसी मार्ग से आती है। हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया कि देश के पास फिलहाल पर्याप्त तेल भंडार उपलब्ध हैं और रिफाइनरियों में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे करीब 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। विदेशों में स्थित भारतीय मिशन लगातार नागरिकों की मदद कर रहे हैं। अब तक 3.75 लाख से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जबकि ईरान से 1000 से ज्यादा छात्र—ज्यादातर मेडिकल छात्र—भारत लौट चुके हैं। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड आवश्यक कदम उठा रहा है।
सरकार ने विदेशों में फंसे भारतीयों की सहायता के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन भी शुरू की है। पीएम मोदी ने साफ कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इनका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। भारत समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह संघर्ष लंबे समय तक प्रभाव डाल सकता है, इसलिए देश को एकजुट रहकर स्थिति का सामना करना होगा। भारत का रुख स्पष्ट है—शांति और संवाद के जरिए इस संघर्ष का समाधान होना चाहिए।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि अफवाहों से बचें और संकट के समय मुनाफाखोरी या कालाबाजारी करने वालों को सफल न होने दें। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से भी समन्वय बनाकर ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई करने का आग्रह किया।