राजस्थान में मुफ्त में नहीं मिलेगा पानी, हर महीने आएगा बिल, JJM की नई पॉलिसी लागू करेगी सरकार

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जयपुर। राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) के तहत घरों तक पहुंचाए जा रहे पेयजल को लेकर जल्द नई व्यवस्था लागू हो सकती है। राज्य सरकार जल जीवन मिशन की ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) पॉलिसी लागू करने की तैयारी में है, जिसके तहत योजना से जुड़े उपभोक्ताओं को पानी की आपूर्ति के लिए हर महीने शुल्क देना पड़ सकता है। प्रस्तावित नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे प्रदेशभर में लागू किया जाएगा।

जलदाय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, नई O&M पॉलिसी का अंतिम मसौदा तैयार कर राज्य सरकार को भेज दिया गया है और अब इसे मंजूरी मिलने का इंतजार है। गौरतलब है कि जल जीवन मिशन केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।

हर महीने देना पड़ सकता है 100 से 125 रुपये तक शुल्क:-

प्रस्तावित नीति के अनुसार, जिन घरों में जल जीवन मिशन के तहत नियमित पेयजल आपूर्ति हो रही है, उनसे हर महीने करीब 100 से 125 रुपये तक शुल्क लिया जा सकता है। विभाग का मानना है कि इस राशि से जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन और रखरखाव को लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखने में मदद मिलेगी।

गांव स्तर पर बनेगी क्लस्टर कमेटियां:-

नई व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर संचालित करने के लिए सरकार प्रत्येक गांव में क्लस्टर कमेटियां गठित करने की योजना बना रही है। इन समितियों की जिम्मेदारी जलापूर्ति प्रणाली की निगरानी और रखरखाव सुनिश्चित करना होगी। प्रस्ताव के अनुसार, समिति का नेतृत्व सरपंच करेगा, जबकि जलदाय विभाग के दो इंजीनियर तकनीकी निगरानी में सहयोग करेंगे। प्रदेशभर में करीब 41,986 क्लस्टर कमेटियां गठित किए जाने का प्रस्ताव है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि नीति को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो जल जीवन मिशन के तहत कनेक्शन लेने वाले परिवारों को मासिक शुल्क का भुगतान करना होगा। हालांकि, JJM के दायरे से बाहर पहले से पानी के कनेक्शन लेने वाले ग्रामीण उपभोक्ता पहले ही जल शुल्क का भुगतान कर रहे हैं।

प्रदेश में 63 लाख से अधिक कनेक्शन:-

जलदाय विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में अब तक 63 लाख से अधिक JJM कनेक्शन दिए जा चुके हैं। हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, पाली और डीडवाना-कुचामन जैसे जिलों में इस योजना के तहत बड़ी संख्या में कनेक्शन दिए गए हैं। ऐसे में मासिक शुल्क लागू होने का असर ग्रामीण आबादी के बड़े हिस्से पर पड़ सकता है।

यहां देखें लिस्ट, कौनसे जिले में कितने कनेक्शन दिए:-