ट्रंप के बदले तेवर! इन तीन वजहों से करना चाहते हैं जल्द से जल्द ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म

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ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच सीजफायर खत्म होने से कुछ घंटे पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने इसे बढ़ाने का ऐलान कर दिया। ट्रंप ने ईरान की आंतरिक राजनीतिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि एक साझा प्रस्ताव तैयार करने के लिए उसे और समय दिया जाना चाहिए। अब सीजफायर तब तक लागू रहेगा, जब तक दोनों देशों के बीच किसी समझौते पर सहमति नहीं बन जाती।

हालांकि यह फैसला चौंकाने वाला माना जा रहा है, क्योंकि पहले ट्रंप स्पष्ट कर चुके थे कि सीजफायर को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। ऐसे में उनके इस बदले रुख को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

रुख में बदलाव के संकेत:-

शुरुआत में ईरान के खिलाफ सख्त तेवर अपनाने वाले ट्रंप अब अपेक्षाकृत नरम रुख में दिखाई दे रहे हैं। जहां पहले वे कड़ी चेतावनियां दे रहे थे, वहीं अब वे युद्ध समाप्त करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर दे रहे हैं।

इन वजहों से जल्द खत्म करना चाहते हैं युद्ध:-

  1. हथियारों पर बढ़ता दबाव:-
    करीब 40 दिनों तक चले संघर्ष में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर लगातार हमले किए, जिससे बड़े पैमाने पर हथियारों का इस्तेमाल हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस युद्ध में अमेरिका को प्रतिदिन भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। लंबे समय तक चले संघर्ष के कारण हथियारों के भंडार पर दबाव बढ़ गया है और उनकी भरपाई में कई साल लग सकते हैं।
  2. घटती लोकप्रियता:-
    युद्ध का असर ट्रंप की लोकप्रियता पर भी पड़ा है। उनकी अप्रूवल रेटिंग में गिरावट देखी जा रही है। चुनाव से पहले किए गए वादों के विपरीत युद्ध में शामिल होने से जनता में नाराजगी बढ़ी है। साथ ही, महंगाई और तेल-गैस की कीमतों में बढ़ोतरी ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
  3. चुनावी दबाव:-
    अमेरिका में इस साल होने वाले मिडटर्म चुनाव भी एक अहम कारण माने जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युद्ध के चलते सत्तारूढ़ पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिससे ट्रंप पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है।