पंजाब की जेल से संचालित हो रहा था 50 करोड़ की हेरोइन और विदेशी हथियारों की तस्करी का नेटवर्क, पाकिस्तान-दुबई तक जुड़े तार

100418909

खाजूवाला बॉर्डर पर पकड़ी गई खेप की जांच में बड़ा खुलासा, ड्रोन ड्रॉपिंग, हवाला और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का पर्दाफाश

खाजूवाला | Rkhabar

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे खाजूवाला क्षेत्र में पकड़ी गई लगभग 50 करोड़ रुपये मूल्य की अफगानी हेरोइन और विदेशी हथियारों की खेप की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बीकानेर रेंज पुलिस की जांच अब केवल सीमावर्ती तस्करी तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके तार पाकिस्तान, दुबई और पंजाब की जेल में बैठे अपराधियों तक जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का दावा है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय ड्रोन ड्रॉपिंग और हवाला नेटवर्क है, जो कई राज्यों में सक्रिय होकर हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था।

पंजाब की जेल से संचालित हो रहा था नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया है कि पूरे सिंडिकेट का संचालन पंजाब की एक जेल में बंद कुख्यात अपराधी विक्की द्वारा किया जा रहा था। जेल में रहते हुए उसने पाकिस्तान में बैठे तस्करों और भारत में सक्रिय गिरोहों के बीच मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया था। वह मोबाइल और अन्य अवैध माध्यमों से अपने साथियों के संपर्क में रहकर तस्करी की पूरी रणनीति तैयार करता था।

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी के पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से सीधे संपर्क थे। ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से भेजी गई हेरोइन और विदेशी हथियारों की खेप भारत में गिराई जाती थी, जिसे स्थानीय नेटवर्क के सदस्य उठाकर आगे विभिन्न राज्यों तक पहुंचाते थे।

हवाला के जरिए पाकिस्तान पहुंचाई गई रकम

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस खेप के बदले करीब 5 करोड़ रुपये हवाला के माध्यम से दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजे गए थे। अंतरराष्ट्रीय हवाला चैनल का उपयोग कर भुगतान किया गया, ताकि किसी बैंकिंग रिकॉर्ड में लेन-देन दर्ज न हो। जांच एजेंसियां अब दुबई कनेक्शन और हवाला ऑपरेटरों की भी पड़ताल कर रही हैं।

45 करोड़ के मुनाफे की थी योजना

पुलिस के अनुसार गिरोह का उद्देश्य इस खेप को पंजाब, राजस्थान और अन्य राज्यों में छोटे-छोटे हिस्सों में बेचकर लगभग 45 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुनाफा कमाना था। इसके लिए पहले से ही ग्राहकों और स्थानीय तस्करों का नेटवर्क तैयार किया गया था।

युवाओं को बनाया जा रहा था कुरियर

जांच में सामने आया कि गिरोह बेरोजगार युवाओं को मोटी रकम का लालच देकर अपने साथ जोड़ता था। इन युवाओं का काम सीमा क्षेत्र से ड्रोन द्वारा गिराई गई हेरोइन और हथियारों को उठाकर सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाना था। इसके बाद अलग-अलग राज्यों में सक्रिय एजेंटों के माध्यम से इनकी सप्लाई की जाती थी।

राजस्थान और पंजाब में फैला था सिंडिकेट

प्रारंभिक जांच के अनुसार गिरोह के तार राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर, नागौर और पाली सहित पंजाब के कई जिलों तक फैले हुए हैं। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क में 20 से 25 सदस्य सक्रिय थे। अब अन्य आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

कपड़े की दुकान से शुरू हुई अपराध की कहानी

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी वीरेंद्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि वर्ष 2018 में वह अपने मामा की कपड़े की दुकान पर काम करता था। वहीं उसकी मुलाकात रोकेश प्रजापत उर्फ लक्की से हुई। दोनों की दोस्ती बाद में अपराध की दुनिया में बदल गई। शुरुआत चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से हुई, लेकिन बाद में दोनों हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी में उतर गए। एक मामले में गिरफ्तारी के बाद पंजाब जेल में अपराधियों से संपर्क होने पर उनका नेटवर्क और मजबूत हो गया।

पहले भी हुई थी बड़ी बरामदगी

जांच एजेंसियों ने बताया कि अप्रैल माह में पूगल थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के बाद एक स्कूटी की तलाशी के दौरान करीब 14 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। उस मामले में मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान जांच में उस बरामदगी के तार भी इसी अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं।

विदेशी हथियारों का भी बड़ा जखीरा बरामद

बीकानेर पुलिस ने इस पूरे मामले में अब तक करीब 10.999 किलोग्राम अफगानी हेरोइन, 11 विदेशी पिस्टल, 22 मैगजीन और 100 कारतूस बरामद किए हैं। यह राजस्थान में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी मादक पदार्थ एवं हथियार बरामदगी में से एक मानी जा रही है।

सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी

भारत-पाकिस्तान सीमा पर लगातार हो रही ड्रोन गतिविधियों को देखते हुए सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने हाईटेक निगरानी व्यवस्था और तकनीकी सुरक्षा को और मजबूत कर दिया है। बीकानेर रेंज पुलिस, पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान चला रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी सिंडिकेट से जुड़े कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

You may have missed