राजस्थान में भी सक्रिय हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’, हर दिन जुड़ रहे हज़ारों Gen-Z फ़ॉलोअर्स

post 1330 (1)

राजस्थान में इन दिनों एक नई ‘डिजिटल पार्टी’ की चर्चा हर नुक्कड़, थड़ी और युवाओं के स्मार्टफोन तक पहुंच चुकी है, जिसने चुनाव लड़े बिना ही राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है। इस पार्टी का नाम है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janta Party – CJP)। शुरुआत में महज एक डिजिटल विरोध के रूप में शुरू हुआ यह सोशल मीडिया हैंडल अब एक बड़े युवा आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि महज चार दिनों में इस आंदोलन ने राष्ट्रीय स्तर पर 9.4 मिलियन (94 लाख) से अधिक फॉलोअर्स जुटा लिए हैं। खास बात यह है कि इस पार्टी को देश में नंबर-1 ट्रेंड बनाने के पीछे राजस्थान के युवाओं की भी बड़ी भूमिका है।

CJP का ‘राजस्थान कनेक्शन’

राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए इस डिजिटल ट्रेंड को राजस्थान में खासा समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। जैसे ही यह ट्रेंड इंस्टाग्राम और एक्स (X) पर सक्रिय हुआ, प्रदेश के युवाओं ने इसे तेजी से अपनाया। कॉलेज छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच यह विषय चर्चा का केंद्र बन गया है।

राजस्थान में इस ट्रेंड को स्थानीय रूप भी मिला है। इंस्टाग्राम पर ‘CJP Rajasthan’ (@cjp.rajasthan) नाम से कई पेज सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि मुख्य ‘Cockroach Janta Party | Rajasthan’ पेज पर कुछ ही घंटों में हजारों फॉलोअर्स जुड़ गए, जबकि एक्स पर भी फॉलोअर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि, एक्स पर इस अकाउंट के वर्ष 2023 में बनाए जाने की जानकारी सामने आई है, यानी कि इस पेज के क्रियेटर ने अपने पुराने पेज का नाम बदलकर इस पार्टी के नाम से रखा है। फिलहाल ये सामने नहीं आया है कि सोशल मीडिया पर इस पार्टी के पेज चला कौन रहा है?

पेपर लीक और बेरोजगारी से जुड़ रहा मुद्दा:-

राजस्थान के ‘Gen Z’ यानी कॉलेज छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ शब्द के तंज को राज्य की सबसे बड़ी दुखती रग- ‘पेपर लीक’ (Paper Leak) और ‘बेरोजगारी’ के मुद्दे से जोड़ दिया है।

जयपुर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे क्षेत्रों में तैयारी कर रहे कई युवाओं का कहना है कि वर्षों तक मेहनत, कोचिंग और आर्थिक खर्च के बावजूद जब परीक्षाएं पेपर लीक जैसी घटनाओं से प्रभावित होती हैं, तब उनमें व्यवस्था को लेकर निराशा बढ़ती है। सोशल मीडिया पर यही असंतोष मीम्स, पोस्ट और व्यंग्य के जरिए सामने आ रहा है।

सिर्फ ‘डिजिटल मीम’ या बदलाव का संकेत?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही यह कोई पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है और न ही इसका कोई चुनावी अस्तित्व है, लेकिन बड़ी संख्या में युवाओं का किसी एक डिजिटल पहचान के साथ जुड़ना राजनीतिक दलों- बीजेपी और कांग्रेस के लिए एक बहुत बड़ा अलार्म (चेतावनी) है।

सोशल मीडिया पर युवाओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। एक डिजिटल क्रिएटर ने लिखा, “अगर रोजगार मांगना और पेपर लीक के खिलाफ बोलना कॉकरोच होना है, तो हम सब कॉकरोच हैं। कम से कम कॉकरोच हर परिस्थिति में टिके रहना जानता है।”

इस अभियान की एक विशेषता यह भी बताई जा रही है कि इसमें हिंसक प्रदर्शन के बजाय मीम्स, रील्स और व्यंग्य के जरिए नाराजगी जाहिर की जा रही है, जिससे यह पूरी तरह डिजिटल स्पेस में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गांवों-ढाणियों तक पहुंची चर्चा:-

बताया जा रहा है कि एक छात्र की व्यक्तिगत नाराजगी के रूप में शुरू हुआ यह अभियान अब राजस्थान के गांवों और ढाणियों तक चर्चा में पहुंच गया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का यह राजस्थान चैप्टर यह साफ दिखाता है कि आज का युवा अपनी उपेक्षा से बेहद आहत है। जब तक युवाओं को रोजगार और पारदर्शी परीक्षाएं नहीं मिलेंगी, तब तक सोशल मीडिया के ये ‘कॉकरोच’ इसी तरह डिजिटल स्पेस में स्थापित राजनीति के दिग्गजों को चुनौती देते रहेंगे। देखना यह होगा कि इस अभूतपूर्व डिजिटल रीच का जमीन पर क्या असर होता है।

‘हाँ, मैं ही हूँ वो कॉकरोच’

इस पूरे दिलचस्प और अतरंगे डिजिटल आंदोलन की कहानी एक 30 वर्षीय भारतीय छात्र अभिजीत से शुरू होती है। अभिजीत ने हाल ही में अमेरिका की प्रतिष्ठित बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस (PR) में मास्टर्स की डिग्री पूरी की है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक वे नौकरी की तलाश कर रहे थे और राजनीति से उनका कोई सीधा संबंध नहीं था।

अभिजीत के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल एक बयान से आहत होकर उन्होंने अपने PR कौशल का उपयोग करते हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया। उनका दावा है कि कुछ ही दिनों में इस अभियान को लाखों लोगों का समर्थन मिलने लगा। जब उनसे पूछा गया कि इस आंदोलन का चेहरा कौन है, तो उन्होंने कहा, “हाँ, मैं ही वो कॉकरोच हूँ।”