हनुमानगढ़: नकली दूध के कारोबार का भंडाफोड़, सिंथेटिक दूध बनाने की मिनी फैक्ट्री सील; पढ़े खबर

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े मिलावटखोरी नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए सिंथेटिक दूध बनाने की मिनी फैक्ट्री का खुलासा किया है। टिब्बी तहसील के भुरनपुरा गांव में बुधवार को की गई छापेमारी में टीम ने नकली दूध तैयार करने का मामला पकड़ा, जहां केमिकल, सर्फ और रिफाइंड ऑयल की मदद से कृत्रिम दूध बनाया जा रहा था।
बताया गया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नवनीत शर्मा को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में नकली दूध तैयार कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा है। सूचना के आधार पर विभागीय टीम ने मांगीलाल पुत्र मंजीत सिंह के घर पर दबिश दी। जांच के दौरान घर के एक कमरे में दिनेश सिद्ध पुत्र मांगीलाल मिक्सी की सहायता से कथित तौर पर सिंथेटिक दूध बनाता मिला।
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से लगभग 100 लीटर सोरबिटोल केमिकल, 10 लीटर रिफाइंड ऑयल और करीब 50 लीटर तैयार सिंथेटिक दूध बरामद किया। इस नकली दूध की गंभीरता और खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही तुरंत गड्ढा खुदवाया और बरामद किए गए पूरे सिंथेटिक दूध और केमिकल को मिट्टी में दबाकर नष्ट करवा दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने मौके से दूध के नमूने भी एकत्र किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, दो बाल्टियों में रखे दूध के सिंथेटिक होने की आशंका के चलते सैंपल लेकर जांच के लिए बीकानेर स्थित जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने अलर्ट मोड पर आते हुए क्षेत्र की अन्य दुकानों से भी दूध के सैंपल लिए हैं ताकि मिलावटखोरों पर पूरी तरह नकेल कसी जा सके।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी नकली दूध, मावा या खाद्य पदार्थों में मिलावट की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित अधिकारियों या जिला कंट्रोल रूम को सूचित करें। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।