Rajasthan Politics: गहलोत की सलाह पर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का पलटवार, बोले- ‘मैं दूसरे नेताओं की तरह AC में रहने वाला नहीं’

जयपुर। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की छापामार कार्रवाइयों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बीच जुबानी तकरार तेज हो गई है। गहलोत ने मंत्री को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें स्वयं छापे मारने की बजाय अधिकारियों के माध्यम से कार्रवाई करवानी चाहिए। इस पर किरोड़ी लाल मीणा ने पलटवार करते हुए कहा कि मैं दूसरे नेताओं की तरह एसी में बैठने वाला नहीं हूं। मैं जमीन पर खड़ा होकर किसानों की मदद करना चाहता हूं।
किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान भी कई मुद्दों को मजबूती से उठाया था और सरकार को लगातार घेरा था। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और जल जीवन मिशन जैसे मामलों को लेकर भी उन्होंने आवाज बुलंद की थी, इसलिए आज भी उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि वह आरोपों की परवाह किए बिना किसानों की सेवा और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे।
दरअसल, एक दिन पहले अशोक गहलोत ने कहा था कि किसी मंत्री का स्वयं छापेमारी करना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी कार्रवाइयों को लेकर मीडिया में कई तरह की खबरें सामने आ रही हैं और मंत्री को केवल निगरानी की भूमिका निभानी चाहिए। गहलोत ने कहा कि कार्रवाई अधिकारियों के माध्यम से होनी चाहिए, जबकि मंत्री को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि छापेमारी के दौरान कोई विवाद या अप्रिय स्थिति पैदा हो जाए तो यह मंत्री पद की गरिमा के अनुरूप नहीं माना जाएगा। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत सलाह बताते हुए कहा कि मंत्री को सीधे कार्रवाई में शामिल होने के बजाय प्रशासनिक तंत्र के जरिए काम कराना चाहिए।
गौरतलब है कि हाल ही में नकली खाद, बीज और कृषि उत्पादों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर जिले के कानोता क्षेत्र स्थित एक बायो फर्टिलाइजर फैक्टरी में छापामार कार्रवाई की थी। जांच के दौरान कुछ उत्पादों पर निर्धारित अवधि से अधिक वैधता अंकित होने की बात सामने आई थी। इस दौरान मंत्री ने कहा था कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।