खाजूवाला: नहर में फंसी 5 नीलगाय व बच्चों का सफल रेस्क्यू, गौ सेवा युवा संगठन 32 हैड ने बचाई जान

खाजूवाला/32 हैड: रात से नहर में फंसी 5 नीलगाय और उनके बच्चे बाहर निकलने में पूरी तरह असमर्थ थे। सूचना मिलते ही गौ सेवा युवा संगठन 32 हैड के सदस्य मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद सभी नीलगायों एवं उनके बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू कर नहर से बाहर निकाला।
गौ सेवा युवा संगठन 32 हैड पिछले लगभग पांच वर्षों से “जीव दया पालनी” के सिद्धांत पर निरंतर कार्य कर रहा है। संगठन के सदस्य सर्दी, गर्मी, बरसात अथवा दिन-रात किसी भी समय सूचना मिलने पर नहरों में गिरे नीलगाय, गौवंश एवं अन्य जीव-जंतुओं के रेस्क्यू के लिए तत्पर रहते हैं। संगठन का उद्देश्य केवल पशुओं को बचाना ही नहीं, बल्कि समाज में जीवों के प्रति करुणा, संवेदनशीलता और सेवा का संदेश देना भी है।
संगठन के सदस्यों ने बताया कि क्षेत्र की गहरी नहरों में आए दिन गौवंश, नीलगाय एवं अन्य जीव-जंतु गिरकर फंस जाते हैं। कई बार समय पर सहायता नहीं मिलने के कारण उनकी जान तक चली जाती है। ऐसे में संगठन की टीम अपनी जान जोखिम में डालकर इन बेजुबान जीवों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास करती है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार रात के समय जानवर नहर में गिर जाते हैं, जिससे उनकी मौत तक हो जाती है। कुछ मामलों में आवारा कुत्तों के हमलों के कारण भी नहर में फंसे पशु दम तोड़ देते हैं। ग्रामीणों और गौ सेवा युवा संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि बड़ी नहरों में ऐसे स्थायी इंतजाम किए जाएं, जिससे जानवर स्वयं सुरक्षित बाहर निकल सकें और उनकी जान बचाई जा सके।
संगठन का मानना है कि प्रत्येक जीव का जीवन अनमोल है और उसकी रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इसी भावना के साथ टीम लगातार जीव सेवा और मानवता के कार्यों में जुटी हुई है।