बीकानेर: बीकाजी के संस्थापक शिवरतन अग्रवाल का हार्ट अटैक से निधन, पत्नी के ऑपरेशन के लिए गए थे चेन्नई

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भारतीय स्नैक उद्योग के दिग्गज और Bikaji Foods International Ltd. के संस्थापक व सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74) का गुरुवार सुबह चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे पिछले 10 दिनों से अपनी पत्नी के ऑपरेशन के सिलसिले में चेन्नई में ही ठहरे हुए थे।

अचानक तबीयत बिगड़ी:-

गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई। परिजन तुरंत उन्हें निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर से उद्योग जगत और बीकानेर में शोक की लहर दौड़ गई है। पार्थिव शरीर बीकानेर लाया जा रहा है, जहां शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।

सम्मान में फैक्ट्रियों का काम बंद:-

उनके सम्मान में करणी और बीछवाल इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बीकाजी के प्लांट्स में उत्पादन तत्काल रोक दिया गया है। कंपनी ने आज की सप्लाई भी रद्द कर दी है। इन फैक्ट्रियों में रोजाना करीब 800 टन फूड प्रोडक्ट्स तैयार होते हैं, जिनमें बड़ी मात्रा में बीकानेरी भुजिया शामिल है।

हल्दीराम से अलग होकर खड़ा किया साम्राज्य:-

शिवरतन अग्रवाल का सफर संघर्ष और दूरदृष्टि की मिसाल रहा। वे प्रसिद्ध हल्दीराम परिवार से जुड़े थे, लेकिन 1986 में पारिवारिक बंटवारे के बाद उन्होंने अपना अलग कारोबार शुरू किया। ‘शिवदीप फूड्स’ से शुरुआत कर उन्होंने 1993 में ‘बीकाजी’ ब्रांड को स्थापित किया, जो आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है।

तकनीक से बदली भुजिया इंडस्ट्री:-

सिर्फ 8वीं तक पढ़े होने के बावजूद उनका विजन आधुनिक था। उस दौर में भुजिया हाथ से बनाई जाती थी, लेकिन उन्होंने विदेशों से प्रेरणा लेकर मशीनों से उत्पादन शुरू किया। इससे न सिर्फ उत्पादन बढ़ा, बल्कि गुणवत्ता और पैकेजिंग भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की हुई। आज बीकाजी के प्रोडक्ट्स कई देशों में निर्यात किए जाते हैं।

एक युग का अंत:-

बीकानेर के सार्दुलगंज निवासी शिवरतन अग्रवाल ने स्थानीय नमकीन को वैश्विक पहचान दिलाई। उनका निधन उद्योग जगत के लिए एक बड़ी अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। वे अपने पीछे एक मजबूत कारोबार और परिवार छोड़ गए हैं, जो उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहा है।