होर्मुज संकट: 6 महीने तक बाधित रह सकता है मार्ग, माइंस हटाने में लगेगा समय, अमेरिका-ईरान आमने-सामने

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने कांग्रेस को बताया है कि ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री माइंस को पूरी तरह हटाने में करीब 6 महीने तक का समय लग सकता है। यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब सीजफायर के बावजूद दोनों देशों के बीच हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।
तेल बाजार पर असर की चिंता:-
वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस संभावित देरी को लेकर अमेरिका में राजनीतिक हलकों—डेमोक्रेट और रिपब्लिकन—दोनों में चिंता बढ़ रही है। आशंका जताई जा रही है कि अगर होर्मुज में स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं।
20 से ज्यादा माइंस की आशंका:-
रिपोर्ट्स के मुताबिक Strait of Hormuz में 20 से अधिक समुद्री माइंस बिछाई गई हो सकती हैं। यह जलडमरूमध्य बेहद अहम है, क्योंकि यहां से दुनिया की लगभग 20% तेल और एलएनजी सप्लाई गुजरती है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि कुछ माइंस को GPS तकनीक के जरिए दूर से तैनात किया गया है, जिससे उन्हें ढूंढना और निष्क्रिय करना और चुनौतीपूर्ण हो गया है।
ट्रंप की चेतावनी:-
इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर विस्फोटक नहीं हटाए गए, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
ईरान का इनकार और बयान
वहीं ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने इन आरोपों को खारिज किया है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरानी सेना खुद भी सभी माइंस की सटीक लोकेशन ट्रैक करने में कठिनाई महसूस कर रही है।
पेंटागन ने लीक रिपोर्ट पर जताई आपत्ति:-
पेंटागन ने इस लीक रिपोर्ट को भ्रामक बताया है और कहा है कि यह जानकारी एक क्लासिफाइड ब्रीफिंग का हिस्सा थी, जिसे सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए था।
नाकेबंदी हटाने पर अड़ा ईरान:-
ईरान ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका की नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक वह होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोलेगा। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कहा कि वास्तविक सीजफायर तभी माना जाएगा जब अमेरिका अपनी नाकेबंदी खत्म करे।
दरअसल, यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब अमेरिका सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसने ईरान के खिलाफ कार्रवाई के तहत 31 जहाजों को वापस लौटने के निर्देश दिए हैं।