राघव चड्ढा से AAP का क्यों उठा भरोसा? केजरीवाल के जेल जाने के बाद से बढ़ने लगी थी दूरियां

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आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटा दिया। पार्टी ने उनकी जगह अशोक मित्तल को नियुक्त करने का प्रस्ताव राज्यसभा सचिवालय को भेज दिया है। हालांकि, राज्यसभा में नेता का पद संजय सिंह के पास ही बना रहेगा।

काफी समय से AAP और राघव चड्ढा के बीच दूरी की चर्चा चल रही थी, जिस पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व को लग रहा था कि चड्ढा पार्टी लाइन के बजाय अपनी व्यक्तिगत छवि पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं, जिससे असहजता बढ़ रही थी।

राज्यसभा में सीमित होगी भूमिका:-

AAP ने राज्यसभा सचिवालय को लिखे पत्र में यह भी अनुरोध किया है कि अब चड्ढा को पार्टी के कोटे से बोलने का समय न दिया जाए, जिससे उनकी संसदीय भूमिका सीमित हो सकती है।

हटाने के पीछे प्रमुख कारण:-

  • चड्ढा पिछले कुछ समय से पार्टी गतिविधियों में कम सक्रिय नजर आए।
  • अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कथित शराब घोटाले में राहत मिलने के बाद हुए शक्ति प्रदर्शन में भी शामिल नहीं हुए।
  • दिल्ली चुनाव और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता कम रही।
  • सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट में पार्टी से जुड़ी पहचान कम दिखाई देने लगी।
  • अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से शादी के बाद उनकी प्राथमिकताओं में बदलाव की चर्चा भी सामने आई।
  • भाजपा नेताओं से करीबी के कयास भी लगाए जाते रहे हैं।

स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर:-

आगामी विधानसभा चुनावों के लिए AAP द्वारा जारी स्टार प्रचारकों की सूची में भी राघव चड्ढा का नाम शामिल नहीं किया गया। दरअसल, पार्टी के अंदर पहले से ही संकेत मिल रहे थे कि चड्ढा की स्थिति कमजोर हो रही है। 

पंजाब में दखल के आरोप:-

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, चड्ढा पर भगवंत मान सरकार के कामकाज में दखल देने के आरोप भी लगे। हालांकि, आधिकारिक तौर पर उन्हें एंटी-पार्टी गतिविधियों का दोषी नहीं ठहराया गया है।

अभी नहीं होगी कार्रवाई:- 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, AAP अभी राघव चड्ढा के खिलाफ कोई सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करेगी। वह फिलहाल राज्यसभा में पार्टी के सांसद बने रहेंगे, जब तक वह खुद कोई फैसला नहीं लेते।