राजस्थान में NEET पेपरलीक पर सियासत तेज, कांग्रेस की इस्तीफे की मांग पर BJP का तीखा पलटवार; पढ़े खबर

जयपुर। नीट पेपरलीक मामले को लेकर राजस्थान की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की है। वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को उसके शासनकाल के पेपरलीक मामलों की याद दिलाई।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाएगी।
डोटासरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अब तक 79 परीक्षाओं के पेपरलीक हो चुके हैं। उन्होंने मांग की कि जिस कोचिंग संस्थान तक कथित गेस पेपर पहुंचा, उसकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की चुप्पी पर सवाल उठाए और शिक्षा मंत्री पर भी आरोप लगाए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने एनटीए पर निशाना साधते हुए कहा कि यह संस्था निष्पक्षता खो चुकी है और इसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपरलीक अब संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है।
वहीं टीकाराम जूली ने कहा कि नीट पेपरलीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देकर छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो सरकार पहले पेपर माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की बात करती थी, लेकिन अब बड़े आरोपियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी मामले में प्रतिक्रिया देते हुए वर्ष 2024, 2025 और 2026 में सामने आए पेपरलीक मामलों की सीबीआई जांच कराने और एनटीए को भंग करने की मांग की।
दूसरी ओर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकाल के पेपरलीक मामलों को भूल गई है। कांग्रेस शासन में 17 से अधिक पेपरलीक हुए, लेकिन निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई नहीं हुई। रीट-2021 में पेपरलीक स्वीकारने के बावजूद केवल एक लेवल की परीक्षा रद्द की गई, जबकि दूसरे लेवल की नियुक्तियां दे दी गई। उन्होंने कहा कि सीएम भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ।