राजस्थान में आज से लागू वीबी-जी रामजी कानून, समय से पहले काम पूरा तो मिलेगी छुट्टी; जानें कानून की ख़ास बातें

जयपुर। राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू हो गया है। 1 जुलाई 2026 से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025 लागू कर दिया गया है। नए कानून के साथ ग्रामीण श्रमिकों के कार्य समय, रोजगार के दिनों, मजदूरी और भुगतान व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए गए हैं।
सुबह 9 से शाम 5 बजे तक रहेगा कार्य समय:-
नए नियमों के तहत श्रमिकों का कार्य समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक एक घंटे का विश्राम रहेगा। जयपुर जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने बताया कि यदि कोई श्रमिक समूह निर्धारित टास्क समय से पहले पूरा कर लेता है, तो मस्टररोल में कार्य दर्ज कराने और समूह प्रमुख के हस्ताक्षर के बाद वह कार्यस्थल छोड़ सकता है। हालांकि संबंधित मेट निर्धारित समय तक मौके पर मौजूद रहेगा।
रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन:-
नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले गारंटीड रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण मजदूरों को अतिरिक्त रोजगार मिलेगा और पलायन पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन:-
केंद्र सरकार ने नई मजदूरी दरें भी लागू कर दी हैं। राष्ट्रीय औसत मजदूरी को बढ़ाकर 327.40 रुपये प्रतिदिन किया गया है, जबकि किसी भी श्रमिक को 300 रुपये प्रतिदिन से कम भुगतान नहीं किया जाएगा।
15 दिन में होगा भुगतान:-
नई व्यवस्था के तहत कार्य पूरा होने के 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सीधे श्रमिक के बैंक खाते में ट्रांसफर करना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा। भुगतान में अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही पारदर्शिता के लिए सभी कार्यों का जियो-टैग और श्रमिकों का बायोमेट्रिक सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है।
जल संरक्षण सहित 318 प्रकार के कार्य:-
योजना के तहत ग्रामीण विकास से जुड़े 318 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें 107 कार्य जल संरक्षण, तालाब निर्माण, एनिकट और जल संसाधनों के विकास से संबंधित हैं, जिससे राजस्थान के गांवों में जल स्तर को सुधारने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी और खेती-किसानी को भी नया जीवन मिलेगा।
ग्राम पंचायतों में होंगे जन सम्मेलन:-
नई व्यवस्था की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए 2 जुलाई को राज्य की सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर विशेष जन सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों में ग्रामीणों को नए अधिकारों, बढ़ी हुई मजदूरी और समय के नियमों के बारे में विस्तार से समझाया जाएगा।