Cyber Crime: शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर 13.50 लाख ठगे, फर्जी डिमैट में दिखाया सवा करोड़ का मुनाफा; पढ़े खबर

चित्तौड़गढ़। जिले में शेयर बाजार, आईपीओ और अमेरिकी स्टॉक में निवेश के नाम पर एक व्यक्ति से 13.50 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से झांसे में लेकर पीड़ित को फर्जी डिमैट प्लेटफॉर्म पर 1.10 करोड़ रुपए तक का काल्पनिक मुनाफा दिखाया था। शुरुआत में पीड़ित ने शंभूपुरा थाने में शिकायत दी थी, लेकिन ठगी की रकम अधिक होने के चलते मामला साइबर थाने स्थानांतरित कर जांच शुरू कर दी गई है।
यूट्यूब देखते समय जुड़ गया फर्जी ग्रुप से:-
साइबर थानाधिकारी मधु कंवर ने बताया कि सावा गांव निवासी रमेशचंद्र सुखवाल के साथ यह ठगी हुई। पीड़ित के अनुसार अप्रैल 2026 में मोबाइल पर यूट्यूब देखते समय उनकी नजर “405 Dalal Street Expert Forum” नामक व्हाट्सएप ग्रुप पर पड़ी, जिसमें उन्हें किसने जोड़ा, इसकी जानकारी उन्हें खुद नहीं थी। इस ग्रुप का संचालन अनंत बापट नामक एडमिन और काव्या चतुर्वेदी नामक असिस्टेंट कर रहे थे, जिनके मोबाइल नंबर विदेशी थे। दोनों अंग्रेजी भाषा में लगातार चैट करते हुए आईपीओ और भारतीय-अमेरिकी स्टॉक में ट्रेडिंग पर 30 से 50 प्रतिशत तक रिटर्न का प्रलोभन देते रहे।
सेबी रजिस्टर्ड बताकर भेजा फर्जी लिंक:-
खुद को सेबी रजिस्टर्ड बताते हुए ठगों ने एक डिमैट प्लेटफॉर्म का लिंक भेजा। झांसे में आकर रमेशचंद्र ने अपने एसबीआई खाते से 27 अप्रैल को 3.50 लाख, 30 अप्रैल को 3.50 लाख, 1 मई को 1 लाख और 4 मई को 1.50 लाख रुपए कंपनी द्वारा बताए गए खाते में जमा करवाए। इससे प्लेटफॉर्म पर मुनाफा करीब 9 लाख रुपए दिखाई देने लगा।
छोटी राशि लौटाकर बढ़ाया भरोसा:-
5 मई को जब पीड़ित ने 10 हजार रुपए निकालने का अनुरोध किया तो उसके खाते में 9,998 रुपए वापस आ गए, जिससे उसका भरोसा और मजबूत हो गया। इसके बाद उसने आईसीआईसीआई बैंक खाते से 18 मई को 2 लाख और 20 मई को 2 लाख रुपए और जमा करवाए। इस तरह कुल मिलाकर पीड़ित ने 13 लाख 50 हजार रुपए की राशि निवेश के नाम पर गंवा दी।
1.10 करोड़ का दिखाया काल्पनिक मुनाफा:-
रिपोर्ट के मुताबिक ठगों ने फर्जी प्लेटफॉर्म पर पहले कुल डिमैट बैलेंस 20 लाख रुपए और बाद में बढ़ाकर 1.10 करोड़ रुपए तक दिखाया। 22 मई को ‘टीमटेक’ कंपनी के आईपीओ में 150 लॉट अलॉट होने की जानकारी दी गई, जिसमें 44,013 शेयर दिखाए गए जबकि 55,625 शेयर लॉक कर दिए गए। दावा किया गया कि इन पर 200 प्रतिशत मुनाफा होगा और कुल रकम 2 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी।
जब पीड़ित ने शेयर बुक करने का प्रयास किया तो प्लेटफॉर्म पर एरर आ गया। इस पर ठगों ने शेष 55,625 शेयर अनलॉक करने के लिए 35 लाख 4 हजार 375 रुपए अतिरिक्त जमा कराने को कहा। इसी दौरान पीड़ित को संदेह हुआ और ऑनलाइन जांच करने पर पूरे मामले के साइबर फ्रॉड होने का पता चला।
पीड़ित ने पोर्टल और थाने में दर्ज कराई शिकायत:-
ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने सबसे पहले नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, उसके बाद शंभूपुरा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। मामले की गंभीरता और ठगी की बड़ी राशि को देखते हुए रिपोर्ट जांच के लिए साइबर थाने भेजी गई, जहां अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस रिपोर्ट में दर्ज मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।