शिक्षा विभाग की नई पहल, हर गुरुवार स्कूलों में दिखेगी सांस्कृतिक झलक, बच्चों को मिलेगा यूनिफॉर्म से अवकाश
प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में अब विद्यार्थियों को सप्ताह में एक दिन स्कूल यूनिफॉर्म पहनने से राहत मिलेगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई पहल करते हुए आदेश जारी किए हैं। इसके तहत प्रत्येक गुरुवार को छात्र-छात्राएं अपनी निजी (सिविल) ड्रेस में स्कूल आ सकेंगे।
संस्कृति से जुड़ाव बढ़ाने की पहल:-
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इस नवाचार का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी परंपरा और संस्कृति से जोड़ना है। गुरुवार को निजी ड्रेस पहनने की अनुमति से स्कूलों का वातावरण अधिक जीवंत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनेगा।
शिक्षकों के लिए भी विशेष ड्रेस कोड:-
इस पहल में शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को भी शामिल किया गया है। आदेश के अनुसार, गुरुवार के दिन शिक्षकों को हथकरघा वस्त्र, खादी या स्थानीय पारंपरिक परिधान पहनने के लिए प्रेरित किया गया है। हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया है कि पहनावा पूरी तरह से मर्यादित और गरिमामय होना चाहिए।
सभी स्कूलों में होगी सख्त पालना:-
यह निर्देश प्रदेश के सभी राजकीय और गैर-राजकीय विद्यालयों पर समान रूप से लागू होंगे। निदेशालय ने सभी संयुक्त निदेशकों (स्कूल शिक्षा) को आदेश की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, की गई कार्रवाई की रिपोर्ट निदेशालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजने को कहा गया है।


