जयपुर में चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में नया मोड़: मामा के वकील का दावा

आयुषी चचेरे भाई के साथ लिव-इन में रहती थी, संपत्ति और नौकरी के लिए रची गई साजिश
जयपुर | RKhabar
राजधानी जयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में जांच के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। मृतका के भाई राकेश शर्मा की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता चंद्रप्रकाश ने आरोपी आयुषी शर्मा और उसके चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के संबंधों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। वकील का दावा है कि आयुषी अपने चचेरे भाई बलराम के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी और दोनों ने मिलकर संपत्ति हड़पने तथा अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के उद्देश्य से नीरज शर्मा की हत्या की साजिश रची।
अधिवक्ता चंद्रप्रकाश के अनुसार बलराम उर्फ रवि पढ़ाई में कमजोर था और बेरोजगार था। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुषी के पिता ने ही उसकी पढ़ाई-लिखाई करवाई और एलएलबी तक की शिक्षा दिलाई, लेकिन इसके बावजूद वह वकालत करने के बजाय बेरोजगार रहा। वकील का कहना है कि बलराम की नजर परिवार की संपत्ति पर थी और उसने आयुषी को अपने प्रभाव में लेकर इस पूरी साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई।
आयुषी के व्यवहार में बदलाव का दावा
वकील के मुताबिक आयुषी बचपन से शांत स्वभाव की, मिलनसार और परिवार की लाडली थी। लेकिन जब से बलराम का घर में आना-जाना बढ़ा, उसके व्यवहार में बड़ा बदलाव देखने को मिला। उनका आरोप है कि वर्ष 2025 के बाद आयुषी पूरी तरह बलराम के प्रभाव में आ गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों के बीच अवैध संबंध होने का संदेह है और इसी कारण आयुषी अपनी मां से अलग रहने लगी थी।
अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष से आयुषी अपनी मां के साथ नहीं रह रही थी, बल्कि बलराम के साथ रह रही थी। पड़ोसियों के हवाले से उन्होंने कहा कि दोनों अक्सर कमरे में बंद रहते थे और बाहर बहुत कम दिखाई देते थे।
पहले भी मां की हत्या का प्रयास करने का आरोप
चंद्रप्रकाश ने दावा किया कि नीरज शर्मा की हत्या का प्रयास इससे पहले भी किया गया था। उनके अनुसार आयुषी ने कथित तौर पर अपनी मां को जूस में जहर देकर मारने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। वकील का आरोप है कि बलराम लगातार आयुषी को उकसाता था और कहता था कि मां की मौत के बाद उसे अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी भी मिल जाएगी।
पुलिस पहले ही कर चुकी है सात आरोपियों की गिरफ्तारी
गौरतलब है कि 3 जुलाई को प्रतापनगर थाना क्षेत्र में नीरज शर्मा की मौत को पहले सड़क दुर्घटना माना गया था। बाद में मृतका के भाई राकेश शर्मा ने हत्या की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतका की बेटी आयुषी शर्मा, जेठ और अन्य आरोपियों सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने करीब एक माह पहले भी नीरज शर्मा की हत्या का प्रयास किया था, लेकिन असफल रहने के बाद 3 जुलाई को उस समय वारदात को अंजाम दिया, जब वह अपने नाबालिग दिव्यांग बेटे को कोचिंग छोड़कर लौट रही थीं। आरोप है कि कार से कुचलकर हत्या को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई।
सात लाख रुपये में तय किए गए थे सुपारी किलर
पुलिस जांच के अनुसार एलएलबी अंतिम वर्ष की छात्रा आयुषी शर्मा ने अपने चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर करीब सात लाख रुपये में सुपारी किलर तय किए थे। आरोप है कि हत्या के पीछे संपत्ति पर कब्जा और अनुकंपा नियुक्ति का लालच प्रमुख वजह थी।
हालांकि, अधिवक्ता द्वारा लगाए गए लिव-इन और अन्य व्यक्तिगत संबंधों से जुड़े आरोप अदालत में अभी सिद्ध नहीं हुए हैं। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया तथा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।