JEE Advanced Result 2026 : 1 जून को आएगा रिजल्ट, 70 अंक पर काउंसलिंग और 95 अंक पर मिल सकती है IIT सीट

कोटा: देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम एडवांस्ड (JEE Advanced 2026) का रिजल्ट 1 जून, सोमवार को जारी होने की संभावना है। इस बार करीब 1.80 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से लगभग 45 से 50 हजार छात्रों के क्वालीफाई होने का अनुमान लगाया जा रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा का स्तर अपेक्षाकृत कठिन रहने के कारण कटऑफ में गिरावट देखने को मिल सकती है।
एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार, पिछले वर्ष 2025 में एग्रीगेट क्वालीफाइंग कटऑफ 74 अंक थी, जबकि इस बार कठिन पेपर के चलते यह करीब 70 अंक तक रह सकती है। उनका कहना है कि लगभग 95 अंकों के आसपास छात्रों को आईआईटी में सीट मिलने की संभावना बन सकती है। हर साल कुल अभ्यर्थियों में करीब 25 से 30 प्रतिशत विद्यार्थियों को क्वालीफाई घोषित किया जाता है और इस बार भी 45 से 50 हजार के बीच विद्यार्थी क्वालीफाई घोषित किए जाने की संभावना है।
देव शर्मा ने बताया कि इस परीक्षा के माध्यम से देश के 23 आईआईटी संस्थानों की करीब 18,160 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। इनमें बीटेक, बीटेक-एमटेक ड्यूल डिग्री, बीएस साइंस और बीएस-एमएस ड्यूल डिग्री जैसे कोर्स शामिल हैं।
पिछले वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2025 में 92 अंक हासिल करने वाले एक अभ्यर्थी को आईआईटी (BHU) वाराणसी में बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर कोर्स में प्रवेश मिला था, जबकि 97 अंकों पर आईआईटी जम्मू में मटेरियल इंजीनियरिंग की सीट अलॉट हुई थी। वहीं फीमेल-ओनली सीटों में अपेक्षाकृत कम अंकों पर भी प्रवेश मिला था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार कठिन पेपर के कारण क्लोजिंग रैंक के आसपास कटऑफ अंक पिछले साल की तुलना में कुछ नीचे जा सकते हैं।
JEE Advanced में विद्यार्थियों को सब्जेक्ट-वाइज कटऑफ और एग्रीगेट कटऑफ दोनों को पार करना होता है। वर्ष 2025 में जहां सब्जेक्ट वाइज कटऑफ लगभग 7 अंक और एग्रीगेट कटऑफ 74 अंक थी, वहीं इस बार यह क्रमशः करीब 6 अंक और 70 अंक के आसपास रह सकती है। देव शर्मा का कहना है कि इस बार खासतौर पर फिजिक्स का पेपर चुनौतीपूर्ण रहा, जबकि दूसरी पारी में मैथमेटिक्स का पेपर अपेक्षाकृत लंबा था, जिससे छात्रों को समय प्रबंधन में कठिनाई हुई।
उन्होंने बताया कि 2020 से 2022 के बीच कटऑफ 55 से 70 अंक के बीच रही थी, जबकि 2019 में यह 93 अंक तक पहुंच गई थी। वहीं 2023 में 86 और 2024 में 109 अंक कटऑफ रही। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में कठिन पेपर का असर कटऑफ पर साफ नजर आ सकता है। हालांकि अंतिम रूप से आईआईटी सीटों का आवंटन मेरिट, रैंक और छात्रों की पसंद के आधार पर काउंसलिंग प्रक्रिया में तय होगा।