बीकानेर: स्कूल भवन सेफ या अनसेफ, तय करेगी पीडब्लूडी की रिपोर्ट

8

बीकानेर: स्कूल भवन सेफ या अनसेफ, तय करेगी पीडब्लूडी की रिपोर्ट

बीकानेर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाल और जर्जर होती इमारतों ने अब सरकार की चिंता बढ़ा दी है। बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूल भवनों का टेक्निकल ऑडिट सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियरों से कराने के आदेश जारी किए हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह सुरक्षा ऑडिट हर हाल में जुलाई से पहले पूरी करनी होगी। अब पीडब्ल्यूडी के अभियंता तय करेंगे कि कौन सा स्कूल भवन सुरक्षित है और कौन सा पूरी तरह असुरक्षित। जिन भवनों को खतरनाक घोषित किया जाएगा, उन्हें तुरंत खाली करवाकर वहां ताला लगाया जाएगा और बच्चों को दूसरे सुरक्षित स्कूलों या सामुदायिक भवनों में शिफ्ट किया जाएगा। सुरक्षा ऑडिट जुलाई से पहले कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर तय करेंगे कि कौन सा स्कूल भवन सुरक्षित है और कौन सा असुरक्षित। मानसून और नया सत्र शुरू होने से पहले यानी जुलाई तक सभी स्कूलों की जांच पूरी करनी होगी। खतरनाक घोषित होते ही भवन को तुरंत खाली कराकर सील कर दिया जाएगा। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए उन्हें नजदीकी सुरक्षित स्कूलों या सामुदायिक भवनों में बिठाया जाएगा। बीकानेर जिले में लगभग 120 स्कूल भवन जर्जर और क्षतिग्रस्त हालत में हैं। हाल ही में हुए झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए जिले के 36 जर्जर स्कूलों को खाली करवा दिया है। इन स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को सुरक्षा के लिहाज से दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया गया है। शिक्षा निदेशक के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन स्कूलों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया जा चुका है, उनके मूल भवनों की भी अनिवार्य रूप से टेक्निकल ऑडिट की जाएगी।