राजस्थान में बसों में सीट बेल्ट अनिवार्य, नितिन गडकरी के फैसले से हादसों पर लगेगी लगाम?

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जयपुर: बस यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि अब लंबी दूरी की बसों, लग्जरी कोच और वोल्वो जैसी बसों में सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य किया जाएगा।

यह नियम पूरे देश के साथ राजस्थान में भी सख्ती से लागू होगा। हाल के दिनों में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए बस हादसों ने इस व्यवस्था की जरूरत को और ज्यादा स्पष्ट कर दिया है।

हादसों ने बढ़ाई चिंता:-

अप्रैल 2026 में अलवर जिले के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार बस ट्रक से टकरा गई थी। इस हादसे में चालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक यात्री घायल हुए। कई यात्री सीट से उछलकर गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें सीट बेल्ट की कमी को मुख्य वजह माना गया।

इन राज्यों में पहले लागू होगा नियम:-

गडकरी ने कहा कि बस में सफर करने वाले हर यात्री को सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य होगा। शुरुआत में राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में एक्सप्रेसवे पर चलने वाली लंबी दूरी की बसों में इस नियम को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा।

परिवहन विभाग जल्द ही बस ऑपरेटर्स को सीट बेल्ट फिटिंग के निर्देश जारी करेगा। नियम का पालन नहीं करने पर बस मालिक और चालक दोनों के खिलाफ कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान रहेगा।

क्यों जरूरी है सीट बेल्ट?:-

राजस्थान में जयपुर-उदयपुर, जयपुर-जोधपुर और दिल्ली-जयपुर जैसे रूट्स पर रोजाना बड़ी संख्या में बसें संचालित होती हैं। बढ़ती रफ्तार और लंबी दूरी के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। ऐसे में सीट बेल्ट यात्रियों को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभा सकती है।

अन्य सुधार भी होंगे लागू:-

सीट बेल्ट नियम के साथ-साथ केंद्र सरकार बैरियर-फ्री टोल सिस्टम (MLFF) को भी तेजी से लागू करने की तैयारी में है। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम में कमी आएगी और सफर अधिक सुगम बनेगा।

राजस्थान परिवहन विभाग के अनुसार, जल्द ही नई गाइडलाइंस जारी की जाएंगी। जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अजमेर से संचालित लग्जरी बसों में सबसे पहले सीट बेल्ट फिट किए जाएंगे।

यह पहल सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यात्रियों को सुरक्षित सफर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।