दर्दनाक हादसा: सीवरेज के गहरे गड्ढे में डूबने से तीन मासूमों की मौत, गांव में पसरा मातम

बालोतरा। जिले के पचपदरा क्षेत्र के मंडापुरा गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन मासूम बच्चों की सीवरेज के गंदे पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। एक साथ तीन बच्चों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार मंडापुरा की भील बस्ती निवासी किशन (8) पुत्र गिरधारीराम भील, सोहन (7) पुत्र खेताराम भील और विकास (9) पुत्र गोविंद भील मंगलवार दोपहर करीब एक बजे घर से खेलने के लिए निकले थे। देर शाम तक बच्चों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
तलाश के दौरान घर के पास सीवरेज के गंदे पानी से भरे गड्ढे के समीप बच्चों की चप्पलें तैरती हुई दिखाई दीं, जिससे अनहोनी की आशंका गहरा गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से शाम करीब पांच बजे तीनों बच्चों के शव गड्ढे से बाहर निकाले गए।
बताया जा रहा है कि भील बस्ती में सीवरेज निकासी के लिए डाली गई लाइन आगे जाकर समाप्त हो जाती है, जिससे दूषित पानी आसपास के खाली भूखंडों में भर जाता है। पानी के फैलाव को रोकने के लिए एक व्यक्ति ने भूखंड में करीब 6 से 7 फीट गहरा गड्ढा खोद रखा था। आशंका है कि खेलते समय तीनों बच्चे उसी गड्ढे में गिर गए और डूबने से उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना पर एसपी, एसडीएम तथा पचपदरा थानाधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रिफाइनरी परियोजना के बाद क्षेत्र में आबादी और आवासीय मकानों की संख्या तेजी से बढ़ी, लेकिन सीवरेज निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से कई स्थानों पर ऐसे गड्ढे बने हुए हैं।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, खाली भूखंड में गड्ढा खोदने वाले व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि गड्ढा किसकी भूमि पर और किसकी अनुमति से खोदा गया था। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।