बिजली उपभोक्ताओं को झटका, फरवरी में बिजली बिल में जुड़ेगा फ्यूल सरचार्ज, जानें कितना बढ़ेगा बि​जली बिल

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बिजली उपभोक्ताओं को झटका, फरवरी में बिजली बिल में जुड़ेगा फ्यूल सरचार्ज, जानें कितना बढ़ेगा बि​जली बिल

Fuel surcharge in electricity bill: राजस्थान के बिजली उपभोक्ताओं को फरवरी माह के बिल में अतिरिक्त भार झेलना पड़ सकता है। विद्युत निगमों ने नवंबर माह में खर्च की गई बिजली की लागत की भरपाई के लिए फरवरी में फ्यूल सरचार्ज वसूलने का आदेश जारी किया है। जयपुर डिस्कॉम उपभोक्ताओं से 28 पैसे प्रति यूनिट की दर से यह सरचार्ज वसूलेगा, जो सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं पर लागू होगा।

राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमिशन (आरईआरसी) के टैरिफ विनियम 2025 के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। जयपुर डिस्कॉम के एसई (कॉमर्शियल) टीसी सिंघल द्वारा जारी आदेश के अनुसार गत नवंबर में खर्च बिजली के लिए आगामी फरवरी में वसूली की जाएगी। इसके तहत ‘आधार ईंधन अधिभार’ में 20 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी भी शामिल है।

ऊर्जा प्रभार पर ही होना चाहिए अधिभार:-

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन अधिभार केवल ऊर्जा प्रभार पर ही लागू होना चाहिए, न कि स्थायी प्रभार पर। अप्रैल 2025 से ईंधन और विद्युत क्रय समायोजन अधिभार की गणना मासिक आधार पर प्रतिशत के रूप में की जा रही है, जबकि पहले यह त्रैमासिक रूप से प्रति यूनिट दर पर वसूला जाता था। चूंकि अतिरिक्त व्यय का असर केवल ऊर्जा प्रभार पर पड़ता है, इसलिए स्थायी शुल्क पर अधिभार जोड़ना उचित नहीं माना जा रहा।

नए आदेश की प्रमुख बातें:-

  • नवंबर माह की खपत के लिए फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज 0.01 प्रतिशत तय किया गया है, जो दिसंबर के एनर्जी और फिक्स्ड चार्ज पर जोड़ा जाएगा।
  • यह सरचार्ज सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं पर लागू होगा और दरों का ऑडिट आरटीपी एंड कंपनी द्वारा किया जाएगा।
  • घरेलू उपभोक्ताओं से 100 यूनिट तक 70 पैसे प्रति यूनिट और अन्य श्रेणियों से 1 रुपए प्रति यूनिट का रेगुलेटरी सरचार्ज पहले से ही लिया जा रहा है।
  • यह सरचार्ज अलग से नहीं लिया जाएगा, बल्कि टैरिफ विनियम के तहत समायोजित होगा।
  • जिन उपभोक्ताओं से दिसंबर में शून्य खपत या नेट निर्यात के कारण सरचार्ज नहीं लिया जा सका, उनसे फरवरी बिल में वसूली होगी।
  • जहां रेगुलेटरी सरचार्ज की वसूली कम हुई है, वहां शेष राशि भी फरवरी में जोड़ी जाएगी।

सब्सिडी उपभोक्ताओं के लिए अलग गणना:-

कृषि और सब्सिडी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए सरचार्ज की गणना अलग से की जाएगी। जयपुर डिस्कॉम का लेखा विभाग नियामक आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसकी रिपोर्ट तैयार करेगा।

विशेषज्ञ की राय:-

ऊर्जा सलाहकार इंजीनियर येवंती कुमार बोलिया का कहना है कि नवंबर माह में अधिक वसूले गए ईंधन अधिभार का अब तक समायोजन नहीं हुआ है। उनका सुझाव है कि अधिभार की दर केवल ऊर्जा प्रभार पर तय की जानी चाहिए और अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक हुई अतिरिक्त वसूली का भी समायोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने ‘आधार ईंधन अधिभार’ की वसूली बंद करने की भी मांग उठाई है।