श्रीगंगानगर में फर्जी शादी का खेल: 4.5 लाख की ठगी के बाद युवक को बनाया बंधक, 7 लाख की मांगी वसूली

rkhabar_sriganganagar_fake_marriage_600x400

श्रीगंगानगर। Rkhabar

शादी करवाने के नाम पर युवक से लाखों रुपये ठगने और बाद में उसे बंधक बनाकर मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह का श्रीगंगानगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुरानी आबादी थाना पुलिस ने मामले में दो सगी बहनों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला कथित तौर पर फर्जी दुल्हन बनकर युवक से शादी करने वाली थी। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आया है कि गिरोह शादी के इच्छुक युवकों को निशाना बनाता था। पहले शादी करवाने के नाम पर रकम ली जाती थी और शादी के बाद अलग-अलग तरीकों से पीड़ित से और पैसे ऐंठने की कोशिश की जाती थी।

4.5 लाख रुपये लेकर कराई फर्जी शादी

बाड़मेर जिले के चौहटन क्षेत्र की लखवारा जाटों की बस्ती निवासी धन्नाराम जाट ने पुलिस को शिकायत दी थी। पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने शादी करवाने का भरोसा दिलाकर उससे श्रीगंगानगर के गुरुनगर स्थित एक मकान में करीब चार लाख रुपये लिए।

इसके बाद 22 मई को कचहरी में कथित तौर पर फर्जी नाम ‘कविता’ से एक महिला से उसकी शादी करवा दी गई। शादी के बाद धन्नाराम अपनी पत्नी को लेकर बाड़मेर चला गया।

बाद में सामने आया कि शादी में शामिल महिला की पहचान संदीप कौर उर्फ सोनू के रूप में हुई। पुलिस ने उसे मामले में फर्जी दुल्हन की भूमिका निभाने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

शादी के करीब 15 दिन बाद दुल्हन श्रीगंगानगर लौटी

पुलिस शिकायत के मुताबिक शादी के करीब 15 दिन बाद संदीप कौर वापस श्रीगंगानगर आ गई। जब धन्नाराम उसे लेने के लिए श्रीगंगानगर पहुंचा तो आरोपियों ने उसे वापस भेजने से इनकार कर दिया।

इसके बाद मामले में पैसों की मांग का सिलसिला शुरू हो गया। आरोपियों ने 8 जुलाई को धन्नाराम को दोबारा श्रीगंगानगर बुलाया और उससे अतिरिक्त 50 हजार रुपये की मांग की।

कमरे में बंधक बनाकर मांगे 7 लाख

धन्नाराम जब वापस जाने की बात करने लगा तो आरोपियों ने कथित तौर पर उसे और उसके साथ आए लोगों को एक कमरे में बंधक बना लिया। इसके बाद उनकी रिहाई के बदले 7 लाख रुपये की मांग की गई।

पीड़ित के आरोप के मुताबिक बंधक बनाए जाने के दौरान उसके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने उसके दो मोबाइल फोन और सोने की दो अंगूठियां भी छीन लीं।

बताया गया कि गिरोह ने धन्नाराम और उसके साथी मनोज कुमार के साथ मारपीट का वीडियो भी बनाया। इसके बाद दो साथियों को पैसे का इंतजाम करने के लिए बाहर भेजा गया।

अलग-अलग जगहों पर सड़क किनारे छोड़ा

पुलिस के अनुसार घटना के बाद आरोपियों ने धन्नाराम को सूरतगढ़ बाईपास के पास और उसके साथी मनोज कुमार को करणपुर चुंगी के नजदीक चलती बाइक से नीचे उतार दिया। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी।

शिकायत के आधार पर पुरानी आबादी थाना पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में कार्रवाई की।

दो सगी बहनें गिरफ्तार

मामले की जांच कर रहे एसआई दरिया सिंह और थाना प्रभारी सुमन परिहार के अनुसार पुलिस ने संदीप कौर उर्फ सोनू (20) और उसकी सगी बहन कुलदीप कौर (42) को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक दोनों इस गिरोह की गतिविधियों में शामिल थीं। संदीप कौर का पति पहले से हत्या के एक मामले में जेल में बंद बताया जा रहा है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

‘कमो’ बताई जा रही गिरोह की मुख्य सरगना

पुलिस जांच में गिरोह की कथित मुख्य सरगना के रूप में ‘कमो’ नाम की महिला का नाम सामने आया है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इस मामले में पुलिस पहले ही कमो, हरमन, अरुण उर्फ अरमान और एक नाबालिग सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह केवल एक युवक तक सीमित नहीं था और शादी के नाम पर अन्य लोगों को भी निशाना बनाया गया हो सकता है। इसी को देखते हुए पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह से जुड़े संभावित अन्य पीड़ितों तथा नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को शादी का झांसा दिया, कितनी रकम वसूली और इस नेटवर्क में श्रीगंगानगर के अलावा अन्य जिलों या राज्यों के कितने लोग जुड़े हुए हैं।

You may have missed