Rajasthan Budget 2026 : आज से बजट सत्र की शुरुआत, जनहित के मुद्दों पर भजनलाल सरकार की अग्निपरीक्षा, जानें कब पेश होगा बजट

Rajasthan Budget 2026 : आज से बजट सत्र की शुरुआत, जनहित के मुद्दों पर भजनलाल सरकार की अग्निपरीक्षा, जानें कब पेश होगा बजट
Rajasthan Budget 2026 : राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र इस बार अवधि में भले ही छोटा रहे, लेकिन इसके बेहद हंगामेदार और राजनीतिक रूप से गर्म रहने के संकेत हैं। बुधवार को राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के अभिभाषण के साथ सत्र की औपचारिक शुरुआत होगी। 11 फरवरी को बजट पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि अंतिम निर्णय विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक में लिया जाएगा।
एक तरफ भजनलाल सरकार बजट और अपनी उपलब्धियों को लेकर पूरी तरह तैयार है, तो दूसरी ओर कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष ओएमआर शीट गड़बड़ी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। सियासी शोर के बीच बुनियादी मुद्दे होंगे या नहीं? सत्तापक्ष और विपक्ष के टकराव के बीच बड़ा सवाल यह है कि क्या विधानसभा में सड़क, फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज, सीवरेज, पेयजल, चिकित्सा और शिक्षा जैसे आम जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो पाएगी?
ओएमआर शीट गड़बड़ी से गरमाएगा सदन:-
बजट सत्र के हंगामेदार रहने की सबसे बड़ी वजह ओएमआर शीट गड़बड़ी का मामला माना जा रहा है। कांग्रेस इसे प्रमुख मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं भाजपा ने सत्र से पहले विधायक दल की बैठक बुलाकर विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति बनाई है। मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के आमने-सामने होने से सदन में तीखी बहस तय मानी जा रही है।
जनता की अपेक्षाएं : विधानसभा में उठें ये सवाल:-
जनता चाहती है कि आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर ये मुद्दे सदन में मजबूती से रखे जाएं—
- जल संकट: पड़ोसी राज्यों से जल बंटवारे पर बातचीत कहां तक पहुंची?
- रामजलसेतु लिंक परियोजना: राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलाने में क्या प्रगति हुई?
- सड़क और एक्सप्रेस-वे: घोषित परियोजनाएं जमीन पर क्यों नहीं उतरीं?
- निवेश और रोजगार: एमओयू के मुकाबले वास्तविक निवेश और रोजगार कितना?
- कानून-व्यवस्था: बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण की रणनीति क्या है?
- सरकारी भर्तियां: घोषणाओं के मुकाबले नियुक्तियां कितनी हुईं?
- अरावली में अवैध खनन: 20 जिलों में फैले संकट पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं?
- हाईवे की शराब दुकानें: हाईकोर्ट आदेश के बावजूद सुप्रीम कोर्ट क्यों?
- मेडिकल पीजी प्रवेश: माइनस 40 अंक पर प्रवेश की पारदर्शिता?
- पर्यटन: दो साल में पर्यटन बढ़ाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए?
राज्य की माली हालत पर भी सवाल:-
- केंद्र से मिलने वाले अनुदान में कितना बदलाव हुआ?
- राज्य पर कुल कर्ज कितना है और उसे नियंत्रित करने की योजना क्या है?
- बजट में पूंजीगत खर्च और सामाजिक क्षेत्र को कितनी प्राथमिकता मिलेगी?
शिक्षा-स्वास्थ्य की जमीनी सच्चाई:-
- हाईकोर्ट के निर्देश पर प्री-प्राइमरी में भी आरटीई लागू होगी, लेकिन केंद्र से फंड न मिलने पर संसाधन कहां से आएंगे—यह बड़ा सवाल है।
- सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतें और मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने की संभावना है।
मनरेगा के बाद नया कानून:-
मनरेगा की जगह लाए गए वीबी जी-राम-जी कानून में राज्यों पर अधिक वित्तीय बोझ पड़ेगा। ऐसे में रोजगार गारंटी को लेकर राजस्थान में इसका क्रियान्वयन और मजदूरों को मिलने वाला लाभ अहम मुद्दा रहेगा।
राज्यपाल के अभिभाषण पर भी टकराव तय:-
विपक्ष राज्यपाल के अभिभाषण को सरकार की नीतियों से जोड़कर परखेगा और घोषणाओं तथा जमीनी हकीकत के अंतर को उजागर करने की तैयारी में है।
सत्र का संभावित शेड्यूल:-
- 28 जनवरी को अभिभाषण के बाद दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि, फिर सदन स्थगित रहेगा।
- 29 जनवरी से अभिभाषण पर बहस शुरू होगी।
- 3 फरवरी को सरकार का जवाब आने की संभावना है।
- मार्च में संभावित पंचायतीराज चुनावों को देखते हुए सरकार बजट को मार्च के पहले सप्ताह तक पारित कराने की कोशिश में है।
कुल मिलाकर यह बजट सत्र भले ही छोटा हो, लेकिन राजनीतिक तेवर तीखे रहेंगे। अब निगाह इस बात पर है कि क्या विधायक सियासी शोर से ऊपर उठकर जनता के असली मुद्दों को सदन के केंद्र में ला पाते हैं या नहीं।