राजस्थान में आज आधी रात से थमेंगे निजी बसों के पहिए, अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान; लाखों यात्रियों की बढ़ सकती है परेशानी

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बीकानेर। राजस्थान में निजी बसों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेशभर के निजी बस ऑपरेटरों ने 10 अगस्त की रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। हड़ताल के चलते निजी बसों का संचालन प्रभावित होगा और यात्रियों को आने वाले दिनों में आवागमन के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक निजी बसों की ऑनलाइन बुकिंग भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

बस ऑपरेटरों के इस फैसले का सीधा असर राजस्थान के विभिन्न शहरों और जिलों के बीच चलने वाली निजी बस सेवाओं पर पड़ सकता है। खास तौर पर लंबी दूरी के रूटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

जयपुर में बैठक के बाद लिया गया हड़ताल का फैसला

निजी बस ऑपरेटरों और विभिन्न बस संगठनों की बैठक रविवार को जयपुर में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेशभर से जुड़े बस संचालकों और ऑपरेटरों ने परिवहन विभाग की कार्रवाई सहित अपनी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की।

बैठक के दौरान ऑपरेटरों ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग की ओर से बस व्यवसाय से जुड़े संचालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी को लेकर बस ऑपरेटर संगठनों में नाराजगी बनी हुई है।

बैठक में सभी संगठनों को एकजुट करते हुए आंदोलन का फैसला लिया गया और 10 अगस्त की रात 12 बजे से बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा की गई।

ऑनलाइन बुकिंग भी रहेगी बंद

हड़ताल के साथ ही निजी बसों की ऑनलाइन टिकट बुकिंग बंद रखने का निर्णय भी लिया गया है। ऐसे में यात्रियों के लिए केवल बस स्टैंड पहुंचकर टिकट लेने का विकल्प भी सीमित हो सकता है, क्योंकि हड़ताल की अवधि में निजी बसों का संचालन ही प्रभावित रहने वाला है।

जिन यात्रियों ने आने वाले दिनों में निजी बसों से यात्रा की योजना बनाई है, उनके लिए यात्रा से पहले अपनी बस सेवा की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी होगा।

परिवहन विभाग की कार्रवाई से नाराज ऑपरेटर

बस ऑपरेटरों का कहना है कि परिवहन विभाग की कार्रवाई और नियमों को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। ऑपरेटर संगठनों का आरोप है कि बस व्यवसाय से जुड़े लोगों की समस्याओं पर पर्याप्त सुनवाई नहीं हो रही है।

इसी मुद्दे को लेकर पहले भी बस ऑपरेटर संगठनों की ओर से विरोध और आंदोलन की चेतावनी दी जाती रही है। अब संगठनों ने सामूहिक रूप से अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता चुना है।

यात्रियों पर पड़ेगा सीधा असर

निजी बसों की हड़ताल का असर राजस्थान के प्रमुख शहरों के साथ-साथ जिला मुख्यालयों और छोटे कस्बों तक पड़ने की संभावना है। निजी बसें कई ऐसे रूटों पर भी संचालित होती हैं जहां यात्रियों के लिए परिवहन के सीमित विकल्प उपलब्ध होते हैं।

हड़ताल लंबी खिंचने की स्थिति में यात्रियों का दबाव रोडवेज बसों और ट्रेनों पर बढ़ सकता है। इससे प्रमुख बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ने की संभावना रहेगी।

बीकानेर सहित पूरे प्रदेश में असर की आशंका

बीकानेर संभाग सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों में निजी बस सेवाएं बड़ी संख्या में यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन साधन हैं। ऐसे में हड़ताल का असर स्थानीय और लंबी दूरी दोनों तरह की यात्राओं पर देखने को मिल सकता है।

खासकर जयपुर, बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, श्रीगंगानगर और अन्य शहरों के बीच निजी बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच बातचीत पर नजर

अब सभी की नजर सरकार और बस ऑपरेटर संगठनों के बीच संभावित बातचीत पर है। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो हड़ताल टल सकती है या वापस ली जा सकती है। वहीं मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में हड़ताल आगे भी जारी रहने की आशंका है।

फिलहाल निजी बस ऑपरेटरों के फैसले के बाद राजस्थान की परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की संभावना है। यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में रोडवेज और रेल सेवाएं महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती हैं।

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