AAP में सियासी भूचाल: 7 सांसदों के जाने के बाद केजरीवाल से मिले सिसोदिया, डैमेज कंट्रोल के लिए नई रणनीति बनाने में जुटी AAP

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Aam Aadmi Party (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। एक साथ सात राज्यसभा सांसदों का पार्टी छोड़कर बीजेपी में जाना न सिर्फ संगठन के लिए संकट है, बल्कि नेतृत्व पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

केजरीवाल-सिसोदिया की बैठक:-

इस बीच मनीष सिसोदिया ने अरविंद केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की। करीब आधे घंटे चली इस बैठक में पार्टी की मौजूदा स्थिति और डैमेज कंट्रोल को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि नेतृत्व अब हालात संभालने के लिए नई योजना बना रहा है।

किन नेताओं ने छोड़ा साथ?

पार्टी से दूरी बनाने वालों में राघव चड्ढा के अलावा अशोक कुमार मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, रजिंद्र गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इन नेताओं के बीजेपी के साथ आने से सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।

दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की तैयारी:-

AAP ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के राज्यसभा मुख्य सचेतक एडी गुप्ता सभापति को पत्र भेजकर इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।

पार्टी नेताओं का कहना है कि यह मामला संविधान की दसवीं अनुसूची यानी दलबदल कानून के तहत आता है, जिसके तहत सदस्यता रद्द करने की मांग की जा सकती है। संजय सिंह ने भी इस दिशा में संकेत दिए हैं।

विवाद की वजह क्या?

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के भीतर मतभेद पिछले कुछ समय से बढ़ रहे थे। खासतौर पर जब राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया, तब से असंतोष खुलकर सामने आया। कुछ नेताओं ने उन पर बीजेपी के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप भी लगाया था।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद AAP के सामने संगठन को संभालने और राजनीतिक नुकसान की भरपाई करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।