राजस्थान के 60 युवाओं से जासूसी करवा रहा PAK आतंकवादी, ATS की एक साथ 20 जिलों में छापेमारी

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जयपुर। केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर राजस्थान एटीएस ने बुधवार को प्रदेश के 20 जिलों में एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 60 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई पाकिस्तान में बैठे कुख्यात आतंकी शहजाद भट्टी के सोशल मीडिया नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों के खिलाफ की गई। एटीएस और जिला पुलिस की संयुक्त टीमों ने करीब 55 से 60 युवाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। साथ ही उनके मोबाइल फोन और डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, शहजाद भट्टी का नेटवर्क ‘पे-पर-टास्क’ मॉडल पर संचालित हो रहा था। इस नेटवर्क के जरिए सोशल मीडिया, डार्क वेब ब्राउजर, ऑटो-डिलीट चैट ऐप्स और गेमिंग सर्वर आधारित प्राइवेट चैट रूम के माध्यम से युवाओं और नाबालिगों से संपर्क साधा जाता था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, देशभर में करीब 900 और राजस्थान में लगभग 60 युवा इस नेटवर्क के संपर्क में पाए गए हैं। शहजाद भट्टी को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा आतंकी माना जाता है।

क्या है ‘पे-पर-टास्क’ मॉडल?

जांच में सामने आया है कि इस मॉडल के तहत युवाओं को पैसे, ऑनलाइन गेम और गैंगस्टर लाइफस्टाइल का लालच देकर जाल में फंसाया जाता था। इसके बाद उन्हें संवेदनशील सरकारी व सामरिक स्थलों की फोटो-वीडियो जुटाने जैसे कार्य सौंपे जाते थे। इसके अलावा हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी में भी इस्तेमाल किया जा रहा था। सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए नेटवर्क डार्क वेब ब्राउजर, ऑटो-डिलीट चैट ऐप्स और गेमिंग सर्वर आधारित प्राइवेट चैट रूम का इस्तेमाल कर रहा था।

राज्यव्यापी अभियान में बड़ी कार्रवाई:-

इधर, राजस्थान पुलिस ने संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए राज्यभर में विशेष अभियान चलाया। 9 से 11 मई तक चले इस अभियान के दौरान कुल 1617 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन. के अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ दबिश देकर फरार और वांछित अपराधियों को निशाना बनाया गया। अभियान के तहत 608 इनामी अपराधियों में से 270 को गिरफ्तार किया गया। वहीं, टॉप-10 सूची में शामिल 1250 बदमाशों में से 712 को पकड़ा गया।

हथियार तस्करों पर भी कार्रवाई:-

कार्रवाई के दौरान 294 लंबित मामलों का निस्तारण किया गया। आर्म्स एक्ट के तहत 1124 संदिग्धों की जांच कर 417 को गिरफ्तार किया गया, जबकि 121 नए मामले दर्ज कर बड़ी मात्रा में अवैध हथियार जब्त किए गए। इसके अलावा 605 हार्डकोर अपराधियों के ठिकानों पर छापेमारी कर 163 को गिरफ्तार किया गया और 195 के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई।

पुलिस ने गैंगस्टरों के डिजिटल नेटवर्क पर भी नजर रखते हुए उन्हें फॉलो करने वाले 139 लोगों के ठिकानों पर दबिश दी, जिनमें से 55 को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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