जयपुर में थर्ड ग्रेड शिक्षकों का महाधरना जारी, तबादला नीति लागू करने की मांग पर अड़े हजारों शिक्षक

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जयपुर में थर्ड ग्रेड शिक्षकों का महाधरना जारी, तबादला नीति लागू करने की मांग पर अड़े हजारों शिक्षक

जयपुर । Rkhabar

राजस्थान में तृतीय श्रेणी (थर्ड ग्रेड) शिक्षकों के स्थानांतरण की मांग अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी है। राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर हजारों शिक्षक लगातार धरना देकर सरकार से जल्द ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बावजूद शिक्षक संतुष्ट नहीं हैं और उनका कहना है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित आदेश और ठोस निर्णय चाहिए।

शहीद स्मारक पर जुटे प्रदेशभर के शिक्षक

बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में तृतीय श्रेणी शिक्षक जयपुर पहुंचे और शहीद स्मारक पर शांतिपूर्ण धरना शुरू किया। शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि लंबे समय से बंद पड़ी तबादला प्रक्रिया को तुरंत शुरू किया जाए ताकि वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत शिक्षकों को राहत मिल सके।

धरने में महिला शिक्षिकाओं की भी बड़ी भागीदारी रही। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की।

शाम होते ही बढ़ा तनाव, प्रशासन पर लगाए आरोप

धरना पूरे दिन शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहा, लेकिन शाम के समय प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने प्रशासन पर सख्ती बरतने का आरोप लगाया।

शिक्षकों का कहना है कि धरना समाप्त करवाने के उद्देश्य से धरनास्थल की बिजली बंद कर दी गई, पीने के पानी की व्यवस्था रोक दी गई और शौचालयों को भी बंद कर दिया गया। उनका कहना है कि इससे सबसे अधिक परेशानी महिला शिक्षिकाओं और दूर-दराज से आए शिक्षकों को हुई।

हालांकि प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

6-7 वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात कई शिक्षक

धरने में शामिल शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश में हजारों शिक्षक पिछले 6 से 7 वर्षों से एक ही स्कूल में कार्यरत हैं। इस दौरान उनकी पारिवारिक परिस्थितियां बदल चुकी हैं।

कई शिक्षकों ने बताया कि विवाह होने और बच्चों के जन्म के बाद भी वे परिवार से दूर रहकर नौकरी करने को मजबूर हैं। इससे न केवल पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि मानसिक और सामाजिक परेशानियां भी बढ़ रही हैं।

शिक्षकों का कहना है कि स्थानांतरण नीति लागू होने से उन्हें अपने गृह जिले या परिवार के निकट सेवा करने का अवसर मिलेगा।

शिक्षा मंत्री से हुई वार्ता

धरने के बीच शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत कराया।

बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से देख रही है और इस विषय पर सकारात्मक सोच के साथ विचार किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा।

‘आश्वासन नहीं, आदेश चाहिए’

मंत्री से मुलाकात के बाद भी शिक्षकों ने आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि पहले भी कई बार आश्वासन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक तबादला प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।

प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने का आधिकारिक आदेश जारी नहीं करती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

सरकार के फैसले पर टिकी नजरें

प्रदेशभर के हजारों तृतीय श्रेणी शिक्षक अब सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, शिक्षा विभाग और सरकार पर शिक्षकों की मांगों के समाधान का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

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