राजस्थान में अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट, 21 जिलों में येलो अलर्ट जारी; 10 अगस्त तक सक्रिय रहेगा मानसून

राजस्थान में अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट, 21 जिलों में येलो अलर्ट जारी; 10 अगस्त तक सक्रिय रहेगा मानसून
राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के 21 जिलों में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी करते हुए अगले तीन दिनों तक कई क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग में 7 अगस्त से बारिश का नया दौर शुरू होगा, जबकि 10 अगस्त तक पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने के आसार हैं। लगातार हो रही बारिश से कई शहरों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
अगले तीन दिन भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते अगले तीन दिनों तक कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। विशेष रूप से उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। विभाग ने लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
21 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के 21 जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ वर्षा को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन को भी संभावित जलभराव और अन्य परिस्थितियों से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जयपुर संभाग में तीन इंच तक बारिश
बुधवार को भरतपुर के अलावा जयपुर संभाग के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर करीब तीन इंच तक वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
अलवर में सबसे अधिक 72 मिमी वर्षा
पिछले 24 घंटों में अलवर जिले के गोविंदगढ़ में सबसे अधिक 72 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के कारण अलवर शहर के कई बाजारों और निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके अलावा सवाई माधोपुर, करौली, भरतपुर, डीग, दौसा और जयपुर में भी अच्छी बारिश हुई। वहीं कोटा, राजसमंद, टोंक, हनुमानगढ़, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बूंदी और बारां सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई।
श्रीगंगानगर से गुजर रही है मानसून ट्रफ लाइन
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, रोहतक और गया से होकर गुजर रही है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी।
बारिश कम होने से बांधों की स्थिति चिंताजनक
हालांकि हाल के दिनों में बारिश में तेजी आई है, लेकिन पूरे मानसून सीजन की बात करें तो राजस्थान में अब तक सामान्य से लगभग 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 693 छोटे-बड़े बांधों में से केवल 15 बांध पूरी तरह भर पाए हैं, जबकि 245 बांध पूरी तरह खाली हैं। शेष 433 बांधों में आंशिक जलभराव है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने पर जलाशयों की स्थिति में सुधार हो सकता है।
प्रशासन की अपील
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों, नदियों और नालों के पास जाने से बचें। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। यदि आगामी तीन दिनों में अनुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है तो किसानों के साथ-साथ प्रदेश के जलाशयों को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा।