इंग्लैंड में हार के बाद गौतम गंभीर पर उठे सवाल, पूर्व कप्तान श्रीकांत ने मांगी जवाबदेही; वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी पर भी जताई चिंता

नई दिल्ली | RKhabar
आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। भारत के पूर्व कप्तान और चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने टीम चयन, बल्लेबाजी क्रम और आगामी वनडे विश्व कप 2027 की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि केवल छोटी टीमों के खिलाफ जीत हासिल कर संतुष्ट होना भारतीय क्रिकेट के लिए सही संकेत नहीं है।
‘गौतम गंभीर को भी जवाब देना होगा’
अपने यूट्यूब चैनल पर श्रीकांत ने कहा कि टीम की हार के लिए केवल खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हेड कोच गौतम गंभीर और पूरी टीम मैनेजमेंट को भी अपने फैसलों की जवाबदेही लेनी चाहिए।
श्रीकांत ने कहा कि यदि भारत जिम्बाब्वे, श्रीलंका या वेस्टइंडीज जैसी टीमों को हराकर खुद को फिर से मजबूत मान लेता है, तो इससे वास्तविक समस्याएं छिप जाएंगी। उनका मानना है कि बड़ी टीमों के खिलाफ लगातार अच्छा प्रदर्शन ही किसी टीम की असली परीक्षा होती है।
बार-बार बदलाव से नहीं बनेगी मजबूत टीम
पूर्व कप्तान ने टीम की प्लेइंग इलेवन में लगातार किए जा रहे बदलावों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वनडे विश्व कप 2027 से पहले भारत के पास सीमित वनडे मुकाबले हैं। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया सीरीज, आईपीएल और फिर विश्व कप होगा। ऐसे में हर मैच में बल्लेबाजी क्रम और टीम संयोजन बदलना सही रणनीति नहीं है।
उनका कहना था कि यदि टीम अभी से स्थिर संयोजन तैयार नहीं करेगी तो विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के बीच तालमेल बनाना मुश्किल हो जाएगा।
केएल राहुल के बल्लेबाजी क्रम पर उठाए सवाल
श्रीकांत ने सबसे ज्यादा सवाल केएल राहुल को छठे नंबर पर भेजने के फैसले पर उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल लंबे समय से भारत के भरोसेमंद बल्लेबाज रहे हैं और बड़े मैचों में कई बार टीम को जीत दिला चुके हैं।
उन्होंने कहा कि रोहित शर्मा के जल्दी आउट होने के बाद विराट कोहली का साथ देने के लिए राहुल सबसे उपयुक्त बल्लेबाज थे। यदि राहुल चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते तो वह पारी को संभाल सकते थे और जरूरत पड़ने पर रन गति भी बढ़ा सकते थे। लेकिन उन्हें उस समय बल्लेबाजी के लिए भेजा गया जब मैच लगभग भारत की पकड़ से निकल चुका था और प्रति ओवर 15 रन की जरूरत थी।
संजू और वैभव का भी किया जिक्र
श्रीकांत ने टीम मैनेजमेंट पर युवा खिलाड़ियों के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयोगों की वजह से पहले संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों को स्थिर मौके नहीं मिले और अब वही स्थिति केएल राहुल के साथ भी दिखाई दे रही है।
उनका मानना है कि खिलाड़ियों को लगातार अलग-अलग स्थान पर खिलाने से उनका आत्मविश्वास प्रभावित होता है और टीम का संतुलन भी बिगड़ता है।
विश्व कप 2027 की तैयारी पर चिंता
पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि यदि भारत को विश्व कप 2027 जीतना है तो अभी से एक स्पष्ट रणनीति बनानी होगी। बल्लेबाजी क्रम तय करना, खिलाड़ियों की भूमिकाएं स्पष्ट करना और लगातार एक मजबूत संयोजन के साथ उतरना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बड़ी टीमों के खिलाफ मिली हार से सीख लेकर टीम मैनेजमेंट को अपनी रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए, क्योंकि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में छोटी-छोटी गलतियां भी भारी पड़ सकती हैं।
अब सभी की नजर टीम मैनेजमेंट पर
इंग्लैंड दौरे के बाद उठे इन सवालों ने भारतीय क्रिकेट में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट आलोचनाओं के बाद अपनी रणनीति में बदलाव करते हैं या मौजूदा योजना के साथ ही विश्व कप 2027 की तैयारियां जारी रखते हैं। खिलाड़ियों की भूमिका, बल्लेबाजी क्रम और टीम चयन को लेकर आने वाले महीनों में लिए जाने वाले फैसले भारतीय टीम के भविष्य के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।