नई तकनीक से पढ़ेंगे भावी डॉक्टर, मेडिकल शिक्षा में आएगा बड़ा बदलाव

जयपुर। Rkhabar
देश में मेडिकल शिक्षा को बेहतर बनाने और भावी डॉक्टरों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के अनुरूप तैयार करने के लिए अब पढ़ाई से लेकर क्लिनिकल ट्रेनिंग तक नई तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जाएगा। मेडिकल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), वैज्ञानिक सोच और आधुनिक क्लिनिकल प्रशिक्षण को शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है।
नई शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यावहारिक और क्लिनिकल अनुभव उपलब्ध कराने पर फोकस रहेगा। मेडिकल कॉलेजों में छात्रों को वैज्ञानिक ज्ञान के साथ डिजिटल माध्यमों और आधुनिक तकनीकों से सीखने के अवसर दिए जाएंगे।
पांच क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस
मेडिकल शिक्षा में पांच प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें वैज्ञानिक ज्ञान के लिए नई डिजिटल तकनीकों का उपयोग, छात्रों में क्लिनिकल एवं प्रोफेशनल दक्षता का विकास, पीजी और पीएचडी स्तर पर रिसर्च को बढ़ावा तथा क्लिनिकल प्रशिक्षण को मजबूत करना शामिल है। इसके साथ ही शिक्षण पद्धति और प्रशिक्षण मॉडल में बदलाव कर यह देखा जाएगा कि नई तकनीक से विद्यार्थियों की दक्षता और सीखने की क्षमता पर कितना सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी सुविधाएं
मेडिकल शिक्षा में सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर भी जोर दिया जा रहा है। राजस्थान सरकार के 2026-27 के बजट दस्तावेज में भी मेडिकल कॉलेजों में विद्यार्थियों के लिए शिक्षण सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विस्तार का प्रावधान किया गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी मेडिकल शिक्षा में नई तकनीक और गुणवत्ता आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने 2026 में मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता मजबूत करने, रिसर्च को प्रोत्साहित करने और मेडिकल संस्थानों में डिजिटल व्यवस्थाओं को बढ़ाने से जुड़े कई कदम जारी किए हैं।
सीटों के साथ गुणवत्ता पर जोर
देश में मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों में लगातार विस्तार के बीच अब प्राथमिकता सिर्फ सीटें बढ़ाने की नहीं, बल्कि बेहतर प्रशिक्षण और दक्ष डॉक्टर तैयार करने की भी है। राजस्थान में भी मेडिकल शिक्षा के विस्तार के साथ आधुनिक शिक्षण एवं प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलती चिकित्सा तकनीक के अनुरूप तैयार करना और भविष्य में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम डॉक्टर तैयार करना है।