खाजूवाला बॉर्डर से ड्रोन तस्करी नेटवर्क का खुलासा, पाक हैंडलर्स से जुड़े तार; कई मामलों की जांच फिर शुरू

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राजस्थान के बीकानेर संभाग के सीमावर्ती इलाकों में सीमा पार बैठे पाकिस्तानी तस्करों और भारतीय दलालों का एक बेहद संगठित और आधुनिक नेटवर्क सक्रिय था, जिसे बीकानेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ध्वस्त कर दिया है। खाजूवाला बॉर्डर क्षेत्र से गिरफ्तार कुख्यात तस्कर सुखविन्द्र उर्फ सोनू से सुरक्षा एजेंसियों, खुफिया विभागों और राजस्थान पुलिस की संयुक्त विंग ने पूछताछ की, तो देश की सीमा पर मंडरा रहे ड्रोन के खतरे का एक डरावना सच सामने आ गया।

आरोपी सुखविन्द्र ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह लंबे समय से भारत-पाक सीमा पर पाकिस्तानी हैंडलरों के इशारे पर ड्रग्स और घातक हथियारों की खेप भारतीय सीमा पर रिसीव कर रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से संचालित हो रहा था, जिसमें ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर हथियार और मादक पदार्थों की खेप सीमा पार पहुंचाई जा रही थी।

पाकिस्तानी हैंडलरों से सीधा संपर्क:-

बीकानेर के पुलिस अधीक्षक (SP) मृदुल कच्छावा के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सुखविन्द्र का सीधा संपर्क सीमा पार बैठे पाकिस्तानी ड्रग हैंडलर्स से था। शुरुआती जांच में सामने आया कि सुखविन्द्र पहले पाकिस्तान के कुख्यात हैंडलर ‘चाचा’ के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। यही हैंडलर ड्रोन की आवाजाही, रूट और ड्रॉपिंग लोकेशन तय करता था।

करीब तीन साल पहले हार्ट अटैक से ‘चाचा’ की मौत के बाद इस पूरे नेटवर्क की कमान पाकिस्तान में बैठे नए हैंडलर ‘लंबरदार’ ने संभाल ली। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसके बाद नेटवर्क और अधिक तकनीकी और संगठित तरीके से संचालित होने लगा।

100 किलो हेरोइन और सैकड़ों हथियार सप्लाई करने का दावा:-

पूछताछ में सुखविन्द्र ने कबूल किया कि वह पाकिस्तानी आकाओं के जरिए अब तक करीब 100 किलो हाई-क्वालिटी हेरोइन और सैकड़ों अवैध पिस्टल व कारतूस भारत के विभिन्न राज्यों, खासतौर पर पंजाब, तक पहुंचा चुका है। एजेंसियां अब इन दावों की तकनीकी और नेटवर्क स्तर पर पुष्टि करने में जुटी हैं।

खेत में गिरे चाइनीज ड्रोन से खुला पूरा नेटवर्क:-

इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खुलासे की कहानी इसी साल फरवरी से जुड़ी है। जानकारी के मुताबिक फरवरी में पाकिस्तानी तस्करों ने करीब 17.50 किलोग्राम वजन वाला एक भारी-भरकम ड्रोन भारत की ओर भेजा था, जो कथित रूप से हथियारों की खेप लेकर आया था।

ड्रोन में ‘मेड इन चाइना’ पांच अत्याधुनिक पिस्टल और 325 जिंदा कारतूस बांधे गए थे। हालांकि सीमा पार करने के बाद तकनीकी खराबी के कारण ड्रोन निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंच सका और खाजूवाला क्षेत्र के ‘चक 24 केएनडी’ में एक सरसों के खेत में क्रैश हो गया।

सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ड्रोन और हथियारों का जखीरा जब्त कर लिया था। जांच अधिकारियों के अनुसार यह बीकानेर सेक्टर में ड्रोन से हथियार तस्करी का पहला सबसे बड़ा और पुख्ता सबूत था।

मोबाइल से खुल सकते हैं कई और राज:-

पुलिस को आरोपी सुखविन्द्र के पास से एक स्मार्टफोन भी बरामद हुआ है, जिसके तार पंजाब की फरीदकोट जेल से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि आरोपी जेल में रहने के दौरान और जेल से बाहर आने के बाद भी इसी मोबाइल के जरिए पाकिस्तान और भारत में सक्रिय नेटवर्क से संपर्क में था।

जांच में मोबाइल डेटा, चैट हिस्ट्री और इंटरनेशनल कॉल रिकॉर्ड से कई संदिग्ध नंबरों और हवाला लेनदेन से जुड़े अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। वहीं फरीदकोट जेल में नियमों के उल्लंघन और मोबाइल उपयोग को लेकर अलग मामला भी दर्ज किया गया है।

बंद फाइलें फिर खुलेंगी, संयुक्त टीमें करेंगी जांच:-

सुखविन्द्र के कबूलनामे के बाद राजस्थान पुलिस ने बड़ा फैसला लेते हुए उन 10 ड्रोन ड्रॉप मामलों की जांच दोबारा शुरू करने की तैयारी की है, जिनमें पहले पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अंतिम रिपोर्ट (FR) लगाकर फाइलें बंद कर दी गई थीं।

अब इन मामलों को री-ओपन कर नए सिरे से जांच की जाएगी। इसके लिए बीकानेर, श्रीगंगानगर और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीमें बनाई गई हैं, जो नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और सप्लाई चैन की जांच में जुटी हैं।

7 साथियों के नाम आए सामने:-

पूछताछ में सुखविन्द्र ने अपने सात प्रमुख सहयोगियों के नाम भी बताए हैं। इनमें चार आरोपी श्रीगंगानगर बॉर्डर क्षेत्र और तीन पंजाब से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है और कई संदिग्ध ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

सीमा सुरक्षा के सामने नई चुनौती बना ड्रोन नेटवर्क:-

राजस्थान की भारत-पाक सीमा पर पारंपरिक घुसपैठ के मुकाबले अब ड्रोन आधारित तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। बीकानेर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल राजस्थान बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में सुखविन्द्र के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और पंजाब तक फैले ड्रग सिंडिकेट के बड़े चेहरों का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।