चीन ने ट्रंप की नाकेबंदी को दी चुनौती, प्रतिबंधित जहाज ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज किया पार

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US Iran tensions 2026: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात और गंभीर हो गए हैं। पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है। इसी बीच खबर है कि नाकेबंदी के बावजूद एक चीनी टैंकर इस मार्ग से गुजरने में सफल रहा है।

नाकेबंदी के बाद पहला जहाज पार:-

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, LSEG, MarineTraffic और Kpler के डेटा से पता चला है कि ‘रिच स्टारी’ नाम का चीनी टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुका है। नाकेबंदी लागू होने के बाद खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकलने वाला यह पहला जहाज माना जा रहा है।

पाबंदियों के बावजूद जारी सफर:-

बताया जा रहा है कि इस जहाज पर पहले से ही अमेरिका की ओर से ईरान के साथ व्यापार को लेकर प्रतिबंध लगाए गए थे। इसके बावजूद यह अपनी यात्रा पूरी करने में सफल रहा। यह टैंकर शंघाई स्थित कंपनी शंघाई ज़ुआनरुन शिपिंग कंपनी लिमिटेड के स्वामित्व में है।

मेथनॉल से लदा था टैंकर:-

रिपोर्ट के अनुसार, ‘रिच स्टारी’ एक मीडियम-रेंज टैंकर है, जिसमें करीब 2.5 लाख बैरल मेथनॉल लोड था। इसने अपना कार्गो हमरिया पोर्ट से लिया था।

चीन ने अमेरिका को दी चेतावनी:-

इस घटनाक्रम से पहले चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर चेतावनी दी थी। चीन ने कहा कि वह ईरान के साथ अपने व्यापारिक और ऊर्जा समझौतों को जारी रखेगा और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा। चीनी रक्षा मंत्री ने कहा कि बीजिंग क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन अपने हितों से समझौता नहीं करेगा।

पाकिस्तान में वार्ता रही बेनतीजा:-

इससे पहले पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच उच्चस्तरीय वार्ता करीब 21 घंटे तक चली, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के नेतृत्व में हुई इस बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।

ट्रंप का सख्त कदम:-

वार्ता विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत कार्रवाई करते हुए होर्मुज में नौसैनिक नाकेबंदी का आदेश दे दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों को रोकेगी और किसी भी उकसावे की स्थिति में सख्त जवाब दिया जाएगा।