बीकानेर में 9-11 जनवरी को होगा ऊंट उत्सव, देश-विदेश से आएंगे सैलानी, जानें 2026 में क्या होगा खास

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बीकानेर में 9-11 जनवरी को होगा ऊंट उत्सव, देश-विदेश से आएंगे सैलानी, जानें 2026 में क्या होगा खास

Camel Festival: बीकानेर में इस बार 9 से 11 जनवरी तक अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव आयोजित किया जाएगा। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ के अनुसार, इस बार उत्सव में वन विभाग के सहयोग से 10 जनवरी को बर्ड फेस्टिवल का आयोजन भी होगा। इस फेस्टिवल में जुड़बीड़ और लव कुश वाटिका में बर्ड वॉचिंग और नेचर वॉक के कार्यक्रम होंगे, जहां पर्यटक गिद्ध, शिकारी पक्षी और अन्य जीवों को देख सकते हैं।

ऊंट उत्सव हरियाली, कला और विरासत के संगम के साथ शुरू होगा। 9 जनवरी को शहरभर में पीले चावल बांटकर उत्सव का प्रचार किया जाएगा। “हमारी विरासत” कार्यक्रम के तहत हेरिटेज वॉक, बीकानेरी फूड फेस्टिवल, कला प्रदर्शनी और मिस्टर बीकाणा, मिस मरवण जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी।

इस दौरान ऊंटों के अद्भुत करतब और डांस सैलानियों को खूब भाएंगे। ऊंटों पर बारीकी से की जाने वाली फर कटिंग कला इस उत्सव का विशेष आकर्षण है, जो राजस्थानी मांडने और संस्कृति को जीवित रखती है। पर्यावरण संरक्षण जैसे संदेश भी इस कला के माध्यम से दिए जाते हैं। हालांकि, अब इस कला के परंपरागत कारीगर कम हो गए हैं।

हर साल जापान की मेगुमी जैसी विदेशी महिलाएं इस कला में हिस्सा लेने बीकानेर आती हैं। हालांकि, इस बार वह नहीं आई हैं। ऊंट सज्जा प्रतियोगिता में गोरबंद, पीतल पिलाण, चांदी का गिरबान, घुंघरू और नेवरी जैसे सामानों से सजाए गए ऊंटों पर हजारों रुपए खर्च किए जाते हैं।

अक्कासर गांव के रामलाल कूकणा बताते हैं कि पहले उत्सव में 10-12 ऊंट पालक हिस्सा लेते थे, अब यह संख्या 5-6 रह गई है।

फर्र कटिंग और सज्जा प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों को कई दिन की मेहनत करनी पड़ती है, और यह उत्सव राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का अहम माध्यम है।-अनिल राठौड़, संयुक्त निदेशक, पर्यटन विभाग, बीकानेर