बीकानेर: खुशखबर, राजस्थान रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी 445 नई बसें, टेंडर प्रक्रिया शुरू
बीकानेर: खुशखबर, राजस्थान रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी 445 नई बसें, टेंडर प्रक्रिया शुरू
Rajasthan Roadways: निजी बस ऑपरेटरों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच राजस्थान रोडवेज अपने बस बेड़े को सशक्त करने की तैयारी में है। इसके तहत रोडवेज में 445 नई बसें शामिल की जाएंगी। ये बसें अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर ली जाएंगी, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
नई बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी और लंबी दूरी के साथ-साथ प्रमुख मार्गों पर संचालित की जाएंगी। इससे यात्रियों को बेहतर और अधिक विकल्प मिलेंगे, वहीं यात्रा का अनुभव भी अधिक आरामदायक होगा। लंबे समय से बसों की कमी से जूझ रही रोडवेज को इससे बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है।
सेवा विस्तार की तैयारी:-
बीकानेर आगार की मुख्य प्रबंधक इन्द्रा गोदारा के अनुसार, नई बसों के जुड़ने से बस सेवाओं की आवृत्ति में वृद्धि होगी और समयबद्ध संचालन संभव हो सकेगा। इसके साथ ही उन मार्गों पर भी रोडवेज सेवाएं शुरू की जाएंगी, जहां फिलहाल निजी बसों का वर्चस्व है। कई बंद पड़े रूटों पर भी दोबारा बस संचालन शुरू होने की संभावना है।
निजी बसों को मिलेगी चुनौती:-
परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि थ्री-बाय-टू सिटिंग व्यवस्था वाली बसें यात्रियों के बीच अधिक लोकप्रिय हैं। इन्हें रोडवेज बेड़े में शामिल करने से किराया, सुरक्षा और विश्वसनीयता के स्तर पर निजी बस ऑपरेटरों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
इन जिलों को मिलेंगी नई बसें:-
योजना के तहत बीकानेर, झुंझुनूं और प्रतापगढ़ को 20-20 बसें मिलेंगी। आबू रोड, श्रीगंगानगर, शाहपुरा, वैशालीनगर, फलौदी और लोहागढ़ को सात-सात बसें दी जाएंगी। अजयमेरु, धौलपुर, फालना, हिंड़ौन, श्रीमाधोपुर, सीकर और झालावाड़ को 10-10 बसें मिलेंगी।
सवाई माधोपुर को 13, अजमेर और बांसवाड़ा को 12-12, अलवर को छह, अनूपगढ़ और राजसमंद को आठ-आठ बसें आवंटित होंगी। बारां को 12, बाड़मेर को दो, ब्यावर को 22, भीलवाड़ा को 12, बूंदी और चित्तौड़गढ़ को पांच-पांच बसें मिलेंगी।
इसके अलावा चूरू, दौसा और डीडीवाना को आठ-आठ, हनुमानगढ़ को 25, जालौर को 13, खेतड़ी और विद्याधर नगर को 15-15 बसें दी जाएंगी। जोधपुर और सरदारशहर को चार-चार, करौली को दो, कोटा और नागौर को पांच-पांच, कोटपूतली को आठ, मत्स्य नगर को चार और टोंक को नौ बसें मिलने का प्रस्ताव है।