राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर बड़ी खबर, सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी

राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर बड़ी खबर, सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी
Rajasthan News: राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों को अधिक पारदर्शी, सरल और त्रुटिरहित बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य पद के चुनाव में इस्तेमाल होने वाले मतपत्रों के रंग और प्रारूप को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आयोग के मुताबिक ईवीएम के साथ पंचायत समिति सदस्य पद के लिए नीले रंग और जिला परिषद सदस्य पद के लिए पीले रंग के मतपत्र उपयोग में लाए जाएंगे। इससे पहले सरपंच पद के लिए सफेद और पंच पद के लिए गुलाबी रंग के मतपत्र तय किए जा चुके हैं, ताकि मतदाता अलग-अलग पदों के मतपत्र आसानी से पहचान सकें।
लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही तय:-
जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में जिला परिषद की 57 सीटों और 22 पंचायत समितियों के 386 सदस्य पदों पर चुनाव प्रस्तावित हैं। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मतपत्रों की छपाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
छपाई और प्रारूप के सख्त नियम:-
मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा ने बताया कि मतपत्रों की छपाई, रंग, डिजाइन और क्रम आयोग के तय मानकों के अनुसार ही होगा। मतपत्रों की छपाई केवल अधिकृत निजी मुद्रणालयों में कराई जाएगी और चुनाव चिह्न आवंटन के तीन दिन के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा। मतदान से पहले उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मतपत्रों का सत्यापन भी कराया जाएगा।
हिंदी वर्णमाला क्रम में होंगे प्रत्याशी:-
मतपत्रों पर प्रत्याशियों के नाम हिंदी वर्णमाला क्रम में छापे जाएंगे। पहले मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के नाम और उसके बाद निर्दलीय प्रत्याशी शामिल होंगे। सूची के अंत में ‘इनमें से कोई नहीं’ (नोटा) का विकल्प भी दिया जाएगा। छपाई से पहले प्रूफ रीडिंग कर अधिकारियों द्वारा प्रमाणित करना जरूरी होगा।
अतिरिक्त मतपत्र और सुरक्षा इंतजाम:-
हर मतदान केंद्र के लिए जरूरत से करीब 10 प्रतिशत अतिरिक्त मतपत्र छपवाए जाएंगे। इन्हें रिटर्निंग अधिकारी की निगरानी में सुरक्षित रखा जाएगा। मुद्रणालय से कोषागार तक मतपत्रों के परिवहन और भंडारण के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। मतदान के बाद बचे मतपत्रों को सीलबंद कर छह महीने बाद आयोग के निर्देशानुसार निस्तारित किया जाएगा।
दलगत आधार पर होंगे कुछ चुनाव:-
आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य पद के चुनाव दलगत आधार पर होंगे, इसलिए इन पदों के मतपत्रों पर राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न रहेंगे। वहीं, सरपंच और पंच पद के चुनाव गैर-दलगत आधार पर कराए जाएंगे।
किस पद के लिए मतपत्र का रंग
- जिला परिषद सदस्य — पीला
- पंचायत समिति सदस्य — नीला
- सरपंच — सफेद
- पंच — गुलाबी