खाद-बीज की दुकानों पर कृषि विभाग का एक्शन: लाइसेंस से लेकर स्टॉक तक खंगाला

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खाद-बीज की दुकानों पर कृषि विभाग का एक्शन: लाइसेंस से लेकर स्टॉक तक खंगाला

भीलवाड़ा जिले के किसानों को उच्च गुणवत्ता के कृषि आदान (खाद-बीज) उपलब्ध कराने और अनियमितता पर रोक लगाने को लेकर कृषि आयुक्तालय जयपुर और संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार भीलवाड़ा के निर्देशों के बाद गुरुवार को जिले में खाद-बीज की दुकानों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर के नेतृत्व में विभागीय टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर बारीकी से रिकॉर्ड खंगाले। इस दौरान दुकानों के स्टॉक रजिस्टर और मौके पर मौजूद माल का भौतिक सत्यापन किया गया।

इन बिंदुओं पर हुई पड़ताल
कृषि अधिकारी गुर्जर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान विक्रेताओं की कार्यप्रणाली को लेकर कई अहम पहलुओं की बारीकी से जांच की गई। इसमें विक्रेता के पास वैध अनुज्ञापत्र (लाइसेंस) और गोदाम का अनुज्ञापत्र है या नहीं। विक्रय परिसर पर मूल्य सूची और स्टॉक की स्थिति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की है या नहीं। क्या स्टॉक रजिस्टर निर्धारित प्रपत्र में संधारित है। अनुज्ञापत्र प्राधिकारी की ओर से इसे प्रमाणित किया गया है या नहीं। साथ ही रजिस्टर में नवीनतम तिथि तक का रिकॉर्ड जांचा गया। स्टॉक रजिस्टर का क्रय बिलों से मिलान किया गया और यह देखा गया कि रजिस्टर के बैलेंस और परिसर में उपलब्ध माल में कोई भिन्नता तो नहीं है। आदान विक्रय की बिल बुक निर्धारित प्रपत्र में संधारित है या नहीं। रसीद में बेचे गए माल का पूरा विवरण और उस पर कृषक के हस्ताक्षर की अनिवार्यता जांची गई। अनुज्ञा पत्र में दर्ज उत्पादों के अलावा किसी अन्य निर्माता कंपनी के उत्पादों की अनधिकृत बिक्री की भी कड़ाई से पड़ताल की गई। कृषि अधिकारी ने सभी खाद-बीज विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि किसानों को बेचे जाने वाले हर कृषि आदान का अनिवार्य रूप से पक्का बिल दिया जाए। अभियान के तहत कृषि अधिकारी ने सुवाणा क्षेत्र के प्रमुख प्रतिष्ठानों का दौरा किया। टीम ने मेवाड़ कृषि सेवा केन्द्र, अरावली सीड्स कारपोरेशन और चारभुजा खाद बीज भण्डार सुवाणा का सघन निरीक्षण किया। कृषि उपनिदेशक विनेद कुमार जैन का कहना है कि कोई भी खाद-बीज के व्यापारी के यहां अनियमितताएं पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। कुछ स्थानों में बीजों में मिलावट की भी सूचना मिल रही है। ऐसे व्यापारियों के यहां से सेम्पल लेकर उनकी जांच की जाएगी।