Abha ID Card : राजस्थान में 18 लाख लोगों के बनेंगे आभा आईडी कार्ड, आज से विभाग का विशेष अभियान शुरू

Abha ID Card : राजस्थान में 18 लाख लोगों के बनेंगे आभा आईडी कार्ड, आज से विभाग का विशेष अभियान शुरू
Abha ID Card: पोषण ट्रेकर पर पंजीकृत 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं की आभा आईडी (डिजिटल हेल्थ आईडी) तैयार की जाएगी, जिसमें उनके स्वास्थ्य से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड दर्ज रहेगा। महिला एवं बाल विकास विभाग इसके लिए सोमवार से विशेष प्रेरणा अभियान शुरू करने जा रहा है।
अभियान के तहत घर-घर सर्वे कर पोषण ट्रेकर से छूटे पात्र लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा। विभाग का लक्ष्य एक माह में करीब 18 लाख से अधिक बच्चों और महिलाओं की आभा आईडी बनाना है।
नवंबर माह की पोषण ट्रेकर रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 11 लाख 70 हजार 812 बच्चे शाला पूर्व शिक्षा के तहत पंजीकृत हैं। वहीं, 3 वर्ष तक के बच्चों के साथ गर्भवती और धात्री महिलाओं को मिलाकर कुल 36 लाख 62 हजार 557 लाभार्थी विभाग की पोषण आहार से जुड़ी छह योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
इनमें से अब तक केवल 16.53 प्रतिशत लाभार्थियों की ही आभा आईडी बनी है, यानी करीब 5.97 लाख। विभाग ने आगामी एक माह में 50 प्रतिशत लाभार्थियों की आभा आईडी तैयार करने का लक्ष्य तय किया है।
ये होगा काम…
19 फरवरी तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं घर-घर जाकर बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं का सर्वे करेंगी। इस दौरान विभागीय योजनाओं से वंचित लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा। जिन बच्चों और महिलाओं की आभा आईडी नहीं बनी है, उनकी आईडी मौके पर बनाई जाएगी।
साथ ही पोषण ट्रेकर पर पंजीकृत बच्चों का वजन, लंबाई और ऊंचाई मापी जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की अपार आईडी भी तैयार की जाएगी।
वंचित लाभार्थियों पर फोकस:
महिला एवं बाल विकास विभाग एक माह का विशेष प्रेरणा अभियान चला रहा है, जिसके तहत छूटे हुए लाभार्थियों को पोषण ट्रेकर से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं की आभा आईडी तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों की अपार आईडी बनाई जाएगी।- वासुदेव मालावत, निदेशक, समेकित बाल विकास सेवाएं