बीकानेर में नियम ताक पर रख बांटे ठेके, अब इन समिति का बोर्ड भंग

बीकानेर में नियम ताक पर रख बांटे ठेके, अब इन समिति का बोर्ड भंग
बीकानेर। नियमों की अनदेखी और व्यक्तिगत हितों को साधने के मामले में सहकारिता विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने बीकानेर कोलायत क्रय-विक्रय सहकारी समिति के संचालक मंडल (बोर्ड) को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। समिति में अब उप रजिस्ट्रार को प्रशासक नियुक्त किया गया है, जो नई समिति के निर्वाचन होने तक कार्यभार संभालेंगे। उप रजिस्ट्रार को निर्धारित समयावधि के भीतर नई समिति के निर्वाचन संपन्न कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रकरण के अनुसार रबी सीजन 2023-24 के दौरान समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए हैंडलिंग और परिवहन एजेंट की नियुक्ति में भारी अनियमितता बरतने के आरोप चेयरमैन हरिराम सियाग पर लगाए गए हैं।
इसकी जांच अतिरिक्त रजिस्ट्रार ने की थी। राजफेड के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद बिना किसी पारदर्शी निविदा (टेंडर) प्रक्रिया के केवल अध्यक्ष द्वारा सुझाए गए नामों पर ही सहमति जताकर एजेंट नियुक्त कर दिए गए। इस मामले में सुनवाई के दौरान समिति अध्यक्ष हरिराम सियाग ने तर्क दिया कि किसानों के दबाव और मौसम की खराबी के कारण जल्दबाजी में यह निर्णय लिया गया। हालांकि, रजिस्ट्रार ने इसे उप-विधियों और राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम 2001 की धारा 30 का स्पष्ट उल्लंघन माना।
आखिर क्यों करना पड़ा बोर्ड भंग?
बिना टेंडर एजेंट नियुक्त : राजफेड के नियमों के अनुसार निविदा प्रक्रिया अनिवार्य थी, जिसे दरकिनार किया गया ।
व्यक्तिगत हित: उप-विधि 10(3)(4) का उल्लंघन करते हुए बोर्ड ने ऐसी प्रक्रिया अपनाई जिससे व्यक्तिगत लाभ की बू आती है ।
कमेटी का अभाव: किसी विशेष कार्य के लिए कमेटी गठित करने के बजाय सीधे एजेंट नियुक्त किए गए।
अधिकारों का दुरुपयोग: मुख्य व्यवस्थापक को अधिकृत करने के बावजूद अध्यक्ष ने स्वयं नाम प्रस्तावित किए।