Kisan Samman Nidhi: राजस्थान के किसानों के लिए बड़ी राहत, जानें कब जारी होंगे सम्मान निधि के करोड़ों रुपए?

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Kisan Samman Nidhi: राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि’ योजना के तहत किसानों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार को जोधपुर जिले के ओसियां में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में योजना की छठी किस्त जारी करेंगे। इस दौरान प्रदेश के 66.56 लाख किसानों के खातों में 665 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। अब तक पांच किस्तों में कुल 2726 करोड़ रुपए किसानों को वितरित किए जा चुके हैं।

सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनकी आय को स्थिर करना है। योजना की शुरुआत 30 जून 2024 को टोंक में हुई थी, जब पहली किस्त के तहत 65 लाख से अधिक किसानों को करीब 653 करोड़ रुपए दिए गए थे। इसके बाद 13 दिसंबर 2024 को दूसरी और तीसरी किस्त एक साथ जारी करते हुए 702 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए।

चौथी किस्त 18 अक्टूबर 2025 को धनतेरस के मौके पर नदबई में 718 करोड़ रुपए के साथ जारी हुई, जबकि पांचवीं किस्त 22 जनवरी 2026 को सिरोही में 653 करोड़ रुपए के रूप में किसानों को दी गई।

किसानों को मिल रही अतिरिक्त मदद:-

राज्य में पहले से लागू प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 6 हजार रुपए मिलते हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार ने अतिरिक्त सहायता के रूप में ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि’ योजना के जरिए 3 हजार रुपए और देना शुरू किया है। इस तरह किसानों को अब कुल 9 हजार रुपए सालाना मिल रहे हैं। सरकार भविष्य में इस राशि को बढ़ाकर 12 हजार रुपए तक करने की संभावना भी जता चुकी है।

पात्रता और आवेदन प्रक्रिया:-

योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनके पास 1 फरवरी 2019 से पहले भूमि थी या बाद में विरासत में प्राप्त हुई है। परिवार को एक इकाई मानते हुए पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों में से केवल एक व्यक्ति ही पात्र होगा। पंजीकरण के लिए किसान पीएम-किसान पोर्टल या नजदीकी ई-मित्र/कॉमन सर्विस सेंटर पर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, फार्मर आईडी और डीबीटी सक्षम बैंक खाता अनिवार्य है।

योजना से बदल रहा है किसानों का जीवन:-

सरकार के मुताबिक इस योजना से किसानों को आर्थिक संबल मिल रहा है और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अतिरिक्त सहायता राशि से वे खेती के खर्चों के साथ-साथ घरेलू जरूरतों को भी बेहतर तरीके से पूरा कर पा रहे हैं।