Rajasthan: ठगों के भी ‘गुरु’ निकले ये लुटेरे, दिल्ली पुलिस बन FIR का डर दिखाकर करते थे वसूली, फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार

राजस्थान के डीग मेवात इलाके में पुलिस ने एक चौंकाने वाले फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। डीग पुलिस ने ऐसे शातिर गिरोह को पकड़ा है, जो खुद को दिल्ली पुलिस का कर्मचारी बताकर लोगों को डराता और लाखों रुपये की वसूली करता था। फिल्मी अंदाज में करीब 5 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने लोहेसर के जंगलों से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ग्रामीणों की सतर्कता से नाकाम हुई वारदात:-
घटना झेझपूरी गांव की है, जहां शुक्रवार देर रात एक कार में सवार छह नकली पुलिसकर्मी दिल्ली पुलिस की वर्दी पहनकर पहुंचे। उन्होंने गांव के दो युवकों को जबरन उठाया और उनके परिजनों से छोड़ने के बदले लाखों रुपये की मांग की। युवकों को ले जाते समय ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम, डीएसटी और कामां थाना पुलिस को सूचना दे दी।
एसपी के निर्देश पर चला ‘ऑपरेशन’:-
सूचना मिलते ही एसपी शरण कांबले के निर्देश पर जिलेभर में नाकेबंदी कर दी गई। पुलिस को देखकर बदमाश गाड़ी लेकर जंगल की ओर भागे, लेकिन पुलिस टीमों ने करीब 5 किलोमीटर तक उनका पीछा किया। इस दौरान तीन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जबकि तीन को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
वर्दी, हथियार और फर्जी आईडी बरामद:-
गिरफ्तार आरोपियों के पास से दिल्ली पुलिस की वर्दी, फर्जी दस्तावेज और जाली आई-कार्ड बरामद किए गए हैं। इसके अलावा दो देसी कट्टे और जिंदा कारतूस भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
साइबर ठगों को ही बनाते थे निशाना:-
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह खासतौर पर साइबर ठगों को ही अपना शिकार बनाता था। बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बताकर फर्जी FIR का डर दिखाते और नाम हटाने के बदले मोटी रकम वसूलते थे। उन्हें पता था कि पीड़ित खुद अपराध में शामिल होने के कारण शिकायत करने से बचेंगे।
फरार आरोपियों की तलाश जारी:-
पुलिस के अनुसार, फरार तीन अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार बदमाशों से गिरोह के नेटवर्क और अन्य वारदातों को लेकर पूछताछ जारी है।