बीकानेर: अज्ञात व्यक्ति की सूचना छिपाई तो होगी जेल, पढ़े ये खबर

बीकानेर: अज्ञात व्यक्ति की सूचना छिपाई तो होगी जेल, पढ़े ये खबर
बीकानेर। अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिये हेरोइन, हथियारों की तस्करी और जासूसी रोकने के लिए पुलिस ग्रामीणों की मदद लेगी। इसके लिए बीकानेर-श्रीगंगानगर बॉर्डर एरिया के 181 गांवों में करीब 500 लोगों का पूरा डाटा तैयार किया गया है। बॉर्डर एरिया में संदिग्ध या अनजान लोगों की जानकारी छिपाने वाले ग्रामीणों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।
बीकानेर रेंज के श्रीगंगानगर की 210 किमी और बीकानेर की 168 किमी सीमा पाकिस्तान से लगती है। पाक खुफिया एजेंसियां और तस्कर दोनों जिलों में सक्रिय हैं और जासूसी के जरिये सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करने और हेरोइन, हथियार तस्करी की फिराक में रहते हैं। पिछले कुछ सालों में ड्रोन से तस्करी की वारदातों में तेजी से बढ़ावा हुआ है। इसे रोकने के लिए पुलिस ने अपनी सुरक्षा एजेंसियों के साथ ही ग्रामीणों की फौज तैयार कर उनसे मदद लेने की रणनीति बनाई है।
बीकानेर जिले के तीन पुलिस थानों क्षेत्रों में 24 और श्रीगंगानगर के 10 पुलिस थाना क्षेत्रों में 157 गांवों के करीब 500 लोगों का डाटा तैयार किया गया है। इनमें ग्राम रक्षक, सीएलजी सदस्य, सुरक्षा सखी सहित, सरपंच, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी सहित मौजिज लोगों के साथ ही बीएसएफ के अधिकारी और उनकी पोस्ट पर तैनात अधिकारियों की पूरी जानकारी पुलिस के पास रहेगी।
बॉर्डर एरिया में संदिग्ध गतिविधियों और अनजान लोगों के बारे में इन ग्रामीणों से जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस को सहयोग करने वाले ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही अगर किसी ग्रामीण ने तस्करों या अनजान लोगों के बारे में जानकारी छिपाई तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। ऐसे ग्रामीणों को जेल भी जाना पड़ सकता है। गौरतलब है कि पिछले दिनों पुलिस, इंटेलीजेंस और बीएसएफ के आला अधिकारियों ने बॉर्डर एरिया के मौजिज लोगों से वीसी के जरिये सीधा संवाद भी किया था और उन्हें सतर्क रहकर सहयोग करने के लिए कहा गया था।