AI से बनी 2900 नामों की सूची पर विवाद गहराया, आलोचना के बाद बैकफुट पर विभाग, जानें क्या बोले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर

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राजस्थान में स्कूली बच्चों के नामों को “सार्थक” बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘सार्थक नाम अभियान’ पर विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी सूची में ही कई अजीबोगरीब और आपत्तिजनक नाम सामने आने के बाद यह पहल सवालों के घेरे में आ गई है।

सूची में ‘भयंकर’, ‘भिक्षा’, ‘मक्खी’, ‘अहंकार’, ‘अहित’ और ‘बेचारादास’ जैसे नाम शामिल होने से अभिभावकों और संगठनों ने आपत्ति जताई है। इतना ही नहीं, सूची में सामान्य हिंदी शब्दों की गलत वर्तनी और जेंडर संबंधी त्रुटियां भी सामने आई हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

AI से बनी सूची, मानवीय जांच में कमी:-

जानकारी के अनुसार, करीब 2900 नामों की यह सूची शिक्षा मंत्री कार्यालय की ओर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार की गई थी। हालांकि, पर्याप्त मानवीय समीक्षा और सांस्कृतिक समझ के अभाव में कई नाम विवादित बन गए।

1400 छात्र और 1500 छात्राओं के नाम शामिल:-

विभाग द्वारा जारी सूची में 1409 छात्रों और 1541 छात्राओं के लिए तथाकथित “सार्थक नाम” उनके अर्थ सहित शामिल किए गए थे। दावा किया गया था कि ये नाम राजस्थानी संस्कृति और परंपरा के अनुरूप हैं और सकारात्मक संदेश देते हैं।

विवाद के बाद विभाग बैकफुट पर:-

मामला बढ़ने के बाद शिक्षा विभाग ने सफाई देते हुए कहा कि यह सूची अधिकृत नहीं थी, बल्कि एक प्रारंभिक ड्राफ्ट के रूप में तैयार की गई थी। अब विशेषज्ञों की राय लेकर इसमें संशोधन किया जाएगा।

इस पूरे मामले पर शिक्षा मंत्री Madan Dilawar ने कहा कि सूची केवल सैंपल के तौर पर तैयार करवाई गई थी और इसे निदेशालय स्तर पर सुधारकर अंतिम रूप दिया जाएगा।

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