Rajasthan: चुनाव लड़ने की छूट, पर सरकारी नौकरी में ‘नो एंट्री’; 2 से ज्यादा बच्चे होने पर इन योजनाओं का लाभ भी बंद

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Rajasthan: राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में दो बच्चों की अनिवार्यता को हटाने के लिए लाया गया विधेयक सोमवार को विधानसभा से पारित हो गया। वहीं शहरी निकायों के चुनाव के लिए भी मंगलवार को इसी तरह का विधेयक पारित किए जाने की तैयारी है।

हालांकि इसके उलट सहकारी संस्थाओं के चुनाव से लेकर सफाई कर्मचारी और प्रदेश की सबसे बड़ी प्रशासनिक सेवाओं तक की भर्तियों में दो से अधिक बच्चे होने पर नियुक्ति अटकने का प्रावधान बरकरार है। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की 10 से ज्यादा ऐसी योजनाएं भी हैं, जिनमें तीसरे बच्चे को लाभ नहीं दिया जाता।

करीब 31 साल से लागू था नियम:-

पंचायत और शहरी निकाय चुनावों में दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति को प्रत्याशी बनने से रोकने का नियम करीब 31 वर्षों से लागू था। अब विधानसभा में विधेयक पारित होने के साथ ही इस प्रावधान को समाप्त किया जा रहा है। हालांकि सरकारी नौकरियों में यह नियम अभी भी प्रभावी है और भर्तियों में दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों को पात्र नहीं माना जाता। यह प्रावधान लगभग 20 साल से लागू है।

वहीं केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण से जुड़ी कई योजनाओं में भी एक परिवार के दो से अधिक बच्चों को लाभ नहीं मिलता। इसका सीधा असर तीसरे बच्चे के स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण से जुड़े अधिकारों पर पड़ता है।

इन योजनाओं में तीसरे बच्चे को नहीं मिलता लाभ:-

  • प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना: पहले बच्चे के लिए 5 हजार और दूसरा बच्चा बेटी होने पर 6 हजार रुपए की सहायता।
  • निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल विकास योजना: श्रमिकों के 10वीं और 12वीं में पढ़ने वाले बच्चों को 4 से 6 हजार रुपए तक छात्रवृत्ति, जबकि मेरिट में पहले दस स्थानों में आने पर एक लाख रुपए तक प्रोत्साहन राशि।
  • मुख्यमंत्री राजश्री योजना (लाडो प्रोत्साहन योजना): महिला या वयस्क पुत्री को उद्यमिता के लिए 55 हजार रुपए, लेकिन यह लाभ महिला और एक बेटी अथवा दोनों बेटियों तक सीमित है।
  • प्रसूति सहायता योजना: निर्माण श्रमिक महिला को पुत्री होने पर 21 हजार और पुत्र होने पर 20 हजार रुपए की सहायता, यह भी दो बच्चों तक ही सीमित।
  • मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना: जनजातीय जिलों में दूसरी संतान के गर्भधारण के दौरान पोषण के लिए तीन किश्तों में 6 हजार रुपए।
  • मुख्यमंत्री कन्यादान योजना: एससी, एसटी और अल्पसंख्यक परिवारों को दो बेटियों तक 21 से 51 हजार रुपए तक सहायता, जिनकी वार्षिक आय 50 हजार रुपए तक हो।
  • शुभ शक्ति योजना: महिला या वयस्क पुत्री को उद्यमिता प्रोत्साहन के लिए 55 हजार रुपए, लेकिन यह भी दो बच्चों तक सीमित।
  • मुख्यमंत्री बालिका संबल योजना: एक या दो बेटियां होने पर नसबंदी कराने की स्थिति में 10 हजार रुपए का बॉन्ड, जो बालिका के 18 वर्ष की होने पर 78 हजार रुपए बनता है।
  • राजस्थान पत्रकार स्वास्थ्य योजना: पति-पत्नी, 21 वर्ष तक के दो आश्रित बच्चों और आश्रित माता-पिता के स्वास्थ्य बीमा की सुविधा।